लखीसराय. जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. बड़हिया, पिपरिया और लखीसराय अंचल की कई पंचायतों में बाढ़ का पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित है. अब बाढ़ से पशुधन की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती बनती जा रही है. भाकपा ने जिला प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाने की मांग की है.
हरा चारा डूबा, सूखा चारा भी हुआ बर्बाद
भाकपा जिला नेता सह अधिवक्ता रजनीश कुमार ने कहा कि बाढ़ के कारण खेतों में उपलब्ध हरा चारा पूरी तरह डूबकर नष्ट हो गया है. वहीं भूसा और अन्य सूखा चारा भी पानी में भीगने के कारण खराब हो गया है. इससे पशुपालकों के सामने मवेशियों के लिए चारे का गंभीर संकट पैदा हो गया है.
मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे परिवार
रजनीश कुमार के अनुसार कई परिवार अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं. इन स्थानों पर पशुओं के लिए चारा, देखभाल और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. समय रहते सहायता नहीं पहुंची तो बड़े पैमाने पर पशुधन के नुकसान की आशंका है.
तत्काल हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने की मांग
भाकपा ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित परिवारों और पशुपालकों के लिए तत्काल हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने की मांग की है. पार्टी ने प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था करने के साथ पशु चिकित्सा सुविधा, जरूरी दवाएं और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग की है.
बाढ़ के बीच राजनीतिक आरोपों को लेकर भाकपा ने जतायी आपत्ति
भाकपा ने बाढ़ जैसी आपदा के बीच राजनीतिक अवसर तलाशने की प्रवृत्ति की भी निंदा की है. पार्टी का आरोप है कि स्थानीय विधायक और उनके समर्थक प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी योजनाओं में कमीशन के लिए आंदोलन कर रहे हैं. भाकपा ने इसे आपदा की इस घड़ी में जनता के प्रति संवेदनहीन रवैया बताया है.
राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर राहत अभियान चलाने की अपील
भाकपा ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वह राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर बाढ़ पीड़ितों और पशुधन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे. पार्टी ने प्रभावित इलाकों में तत्काल प्रभावी राहत अभियान चलाने और पशुपालकों को चारा व चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.
