लखीसराय के 3 प्रमुख अस्पतालों की होगी राज्य स्तरीय जांच: NQAS मूल्यांकन का शेड्यूल जारी; 8 प्रमुख विभागों की होगी पड़ताल

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत लखीसराय जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य स्तरीय मूल्यांकन अभियान शुरू हो रहा है. बड़हिया, सूर्यगढ़ा और हलसी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की 10 सितंबर से बारीकी से जांच होगी.

लखीसराय. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अंतर्गत राज्य स्तरीय मूल्यांकन अभियान शुरू किया जा रहा है. इस अभियान के तहत जिले के तीन प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हिया, सूर्यगढ़ा और हलसी में चिकित्सा सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और मरीजों की देखभाल से जुड़े मानकों की जांच की जाएगी. सिविल सर्जन डॉ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के दिशा-निर्देश के अनुसार तीनों स्वास्थ्य केंद्रों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गयी हैं.

10 सितंबर से सीएचसी बड़हिया का तीन दिवसीय निरीक्षण

सीएचसी बड़हिया में 10 से 12 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय गहन मूल्यांकन किया जाएगा. इसके बाद सीएचसी सूर्यगढ़ा में 14 और 15 सितंबर को दो दिवसीय मूल्यांकन होगा. सीएचसी हलसी में 29 और 30 सितंबर को दो दिवसीय निरीक्षण किया जाएगा. मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, मरीजों को मिल रही सेवाओं और विभागीय मानकों के अनुपालन की जमीनी स्थिति की जांच की जाएगी.

उच्चस्तरीय एसेसर्स टीम करेगी स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण

राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से गठित उच्चस्तरीय एसेसर्स टीम मूल्यांकन अभियान में शामिल होगी. टीम में गुणवत्ता परामर्शदाता डॉ अनुपम सिंह, डॉ नूर फातिमा, डॉ सामंत मनीष देव और डॉ जावेद अली खान शामिल हैं.

एसेसर्स टीम स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर उपलब्ध संसाधनों, सेवा व्यवस्था और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन की स्थिति का जायजा लेगी.

आठ प्रमुख विभागों की होगी बारीकी से जांच

जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल ने बताया कि एनक्यूएएस की मानक चेकलिस्ट के आधार पर सभी पंजियों, रिकॉर्ड, चिकित्सा उपकरणों और सुरक्षा मानकों को अपडेट रखने का निर्देश दिया गया है. मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों के आठ प्रमुख क्षेत्रों की जांच होगी.

क्रिटिकल केयर से मरीजों की देखभाल तक होगी जांच

निरीक्षण में क्रिटिकल केयर और त्वरित उपचार की व्यवस्था, मरीजों के पंजीयन एवं परामर्श की सुविधा, लेबर रूम में मातृ-शिशु सुरक्षा और स्वच्छता की स्थिति की जांच की जाएगी.

इसके अलावा भर्ती मरीजों के लिए बेड की उपलब्धता और देखभाल, लैबोरेटरी एवं पैथोलॉजी में जांच की गुणवत्ता तथा रिपोर्टिंग की सटीकता का भी मूल्यांकन होगा.

दवा भंडारण और बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर भी नजर

मूल्यांकन के दौरान दवाओं की उपलब्धता, उनके उचित भंडारण और वितरण प्रणाली की भी जांच की जाएगी. बायो-मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित प्रबंधन, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को भी मानकों पर परखा जाएगा. इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में रिकॉर्ड रखरखाव और प्रशासनिक दक्षता की स्थिति का भी मूल्यांकन किया जाएगा.

सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना उद्देश्य

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य स्तरीय मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता को सुरक्षित, प्रभावकारी और निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. मूल्यांकन के दौरान सामने आने वाली कमियों की पहचान कर स्वास्थ्य केंद्रों की सेवा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By राजेश कुमार

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >