पीरीबाजार . स्थानीय बाजार में भीषण जाम की समस्या अब आमजन के लिए नासूर बन चुकी है. आलम यह है कि यूको बैंक से लेकर सब्जी मंडी तक की मामूली दूरी तय करने में वाहनों को कभी-कभी आधे घंटे से भी अधिक का समय लग जा रहा है. यह समस्या किसी एक दिन की नहीं, बल्कि हर दिन की नियति बन गई है. पूरा बाजार क्षेत्र पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा है.
फुटपाथ पर दुकान व सड़क पर पार्किंग
बाजार की सड़कों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित वाहन पार्किंग जाम का मुख्य कारण है. दुकानदार अपने सामानों को दुकान से बाहर निकाल कर फुटपाथ पर सजा देते हैं. रही-सही कसर खरीदारी करने आए लोग पूरी कर देते हैं, जो अपनी चारपहिया और दोपहिया वाहनों को सड़क के दोनों किनारों पर बेतरतीब ढंग से खड़ा कर देते हैं. स्थिति तब और भयावह हो जाती है, जब कोई बड़ा वाहन थाना चौक के पास प्रवेश कर जाता है. इसके बाद पूरा यातायात तंत्र घंटों के लिए ठप हो जाता है.
प्रशासनिक उदासीनता से लोगों में रोष
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा पीरीबाजार के फुटपाथों को सख्ती से अतिक्रमण मुक्त करवाया जाए, तो इस समस्या से तत्काल निजात मिल सकती है. लंबे समय से जाम की समस्या झेल रहे नागरिकों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.
सुधरेगी स्थिति या बनी रहेगी समस्या
अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय यह है कि क्या प्रशासन कोई ठोस कदम उठाकर पीरीबाजार को इस भीषण जाम से मुक्ति दिलाएगा या फिर लोग यूं ही रोजाना सड़कों पर रेंगने को मजबूर रहेंगे. फिलहाल, जमीनी हकीकत यही है कि लोगों को इस नारकीय जाम से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
