परिवार नियोजन से जुड़े सभी साधनों पर मिली जानकारी

सदर अस्पताल सभागार में गुरुवार को पीएसआई इंडिया के सहयोग से परिवार नियोजन पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला सिविल सर्जन डॉ बीपी सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित संपन्न हुआ

लखीसराय.

सदर अस्पताल सभागार में गुरुवार को पीएसआई इंडिया के सहयोग से परिवार नियोजन पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला सिविल सर्जन डॉ बीपी सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित संपन्न हुआ. सीएस सिविल ने कहा कि परिवार नियोजन के माध्यम से हम लोगों के जीवन को स्वस्थ एवं सुखी बना सकते है. डीपीएम सुधांशु लाल ने कहा कि कम्यूनिटी नीड़ असेस्मेंट अगर सही से करवा लें तो परिवार नियोजन कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में बहुत ही सहूलियत होगी एवं कार्यक्रम में उपलब्धि भी होगी. एसीएमओ डॉ अशोक भारती ने कहा कि परामर्श बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है परिवार नियोजन कार्यक्रम के लिए. डीसीएम आशुतोष सिंह ने परिवार नियोजन के वित्तीय वर्ष 2024-25 के उपलब्धि व इस वित्तीय वर्ष में कैसे परिवार नियोजन कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर चर्चा की. 2024-25 वित्तीय वर्ष में लखीसराय जिला पीपीआईयूसीडी मे 28 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त कर राज्य में पांचवे स्थान पर रहा, एफ़पीएलएमआईएस में 91 प्रतिशत उपलब्धि एवं अंतरा सुई में 84 प्रतिशत उपलब्धि के साथ 10 वें स्थान हासिल किया गया. कार्यशाला में सभी स्वास्थ्य संस्थान के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक, परामर्शदाता, लेबर रूम इंचार्ज, एएनएम, जीविका से हैल्थ नोडल, पीएफ़आई से मुकेश कुमार झा एवं अन्य डेव्लपमेंट पार्टनर के लोगों ने भाग लिया. लखीसराय जिला में परिवार नियोजन में जीविका के साथ चल रहे कार्यक्रम को गति देने के लिए सीएम,सीएनआरपी के साथ सहयोज पर चर्चा किया गया जिससे इस कार्यक्रम को गति दिया जा सके. बैठक में मोबाइल अकादेमी और किलकारी प्रोगाम पर भी चर्चा की गयी. जिसमें लखीसराय जिला अंतर्गत सभी आशा को हेल्प लाइन नंबर 14423(किलकारी ) और 14424 (मोबाइल अकाडमी ) पर कॉल करके प्रशिक्षण लेने हेतु निदेशित किया गया. जिससे आशा को समुदाय में समन्वय बनाने और उनके कौशल में क्षमता वर्धन मे सहायक है यह प्रशिक्षण चार घंटे का है जो आशा द्वारा कभी भी कॉल करके लिया जा सकता है. प्रशिक्षण के उपरांत उनको सर्टिफिकेट भी राज्य द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा. अनिमिया मुक्त भारत में लखीसराय जिला का पूरे राज्य में 2024 -025 मे 24वां स्थान है, जिसमें 5 माह से 59 माह के बच्चो को आशा के द्वारा एवं विध्यालय में 5 से 9 वर्ष के बच्चों और 10 से 19 वर्ष के बच्चो को दवा खिलायी जानी है, इसमे सुधार की आवश्यकता है.

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