लखीसराय. सदर अस्पताल के सभागार में सोमवार को डीएस सह प्रभारी सीएस डॉ राकेश कुमार की अध्यक्षता में जिले में बच्चों की स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें चिकित्सा पदाधिकारी के लिए नवजात व बाल्यावस्था की बीमारी के प्रबंधन आइएमएनसीआइ प्रशिक्षण दिया गया. डीपीसी सुनील शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य नवजात और बच्चों में होने वाली बीमारी का समय पर पहचान, प्रभावी इलाज व समुचित देखभाल सुनिश्चित कर बाल मृत्यु दर में कमी लाना है. प्रशिक्षक के रूप में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश कुमार एवं सूर्यगढ़ा की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कृति कोमल ने प्रशिक्षण दिया. जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थान से आये चिकित्सा पदाधिकारी प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी किया. प्रशिक्षण सत्र के दौरान निमोनिया, डायरिया, बुखार सहित नवजात एवं बाल्यावस्था में सामान्य रूप से होने वाली बीमारी की पहचान, प्रारंभिक उपचार, पोषण संबंधी देखभाल, टीकाकरण की भूमिका एवं गंभीर मामलों के उचित रेफरल और प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दिया. बताया गया कि आईएमएनसीआई रणनीति बच्चों की समग्र स्वास्थ्य आवश्यकता को ध्यान में रखकर विकसित की गयी है, जिसमें बीमारी की पहचान से लेकर उपचार और अनुवर्ती देखभाल तक सभी पहलु को शामिल किया गया है. डॉ राकेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाना और चिकित्सक को व्यावहारिक एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे अपने कार्यस्थल पर बच्चों को बेहतर इलाज उपलब्ध सकें. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ प्रायोगिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि हो सके. मौके पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पवन कुमार, डॉ आश्विन कुमार, डॉ शुभम कुमार, डॉ ऋतुराज, डॉ राज अभय एवं डॉ आलोक कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे.
नवजात शिशु के बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को मिला प्रशिक्षण
सदर अस्पताल के सभागार में सोमवार को डीएस सह प्रभारी सीएस डॉ राकेश कुमार की अध्यक्षता में जिले में बच्चों की स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया
