लखीसराय, हलसी. स्थानीय हलसी बाजार में शुक्रवार को दिनभर जेसीबी की गड़गड़ाहट गूंजती रही. पीडब्ल्यूडी की सरकारी जमीन पर वर्षों से जमे अतिक्रमण के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने अभियान शुरू कर दिया. सुबह से शुरू हुई कार्रवाई से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया. कहीं दुकानें जमींदोज होती दिखीं तो कहीं अतिक्रमणकारी सामान हटाने के लिए प्रशासन से मोहलत मांगते नजर आए.
205 लोगों ने कर रखा था पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अतिक्रमण
प्रशासन के अनुसार हलसी बाजार में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर 205 लोगों ने अतिक्रमण कर दुकान और मकान बना रखे थे. सभी चिह्नित अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था. नोटिस के बाद शुक्रवार को अंचल प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में चिह्नित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की.
दुकानें टूटीं तो सामान हटाने के लिए मांगी मोहलत
अतिक्रमण हटाने के दौरान बाजार में लोगों की भारी भीड़ जुटी रही. कार्रवाई के बीच कुछ स्थानों पर हंगामे जैसी स्थिति भी बनी. कई अतिक्रमणकारियों ने अपना सामान हटाने के लिए प्रशासन से समय देने की मांग की. कुछ लोग हाथ जोड़कर तीन दिन की मोहलत मांगते भी नजर आए.
कुछ लोगों ने प्रशासन पर लगाया भेदभाव का आरोप
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया. उनका कहना था कि चुनिंदा लोगों के अतिक्रमण पर ही कार्रवाई की जा रही है, जबकि कुछ बड़े अतिक्रमणकारियों को छोड़ दिया गया है. हालांकि प्रशासन की ओर से इस आरोप को लेकर अलग से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.
13 परिवारों ने बताया खुद को भूमिहीन
अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच 13 परिवारों ने प्रशासन के सामने नया दावा पेश किया. इन परिवारों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए अपनी जमीन तक नहीं है. इसके बाद प्रशासन ने उनके दावों की जांच शुरू करायी है.
जांच के बाद भूमिहीनों को जमीन देने की होगी कार्रवाई
अंचलाधिकारी संजीव कुमार राय ने बताया कि 13 लोगों ने खुद को भूमिहीन बताते हुए दावा किया है. उनके दावों की जांच करायी जा रही है. जांच में यदि वे वास्तव में भूमिहीन पाए जाते हैं तो नियमानुसार उन्हें जमीन उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी.
आगे भी जारी रहेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान
हलसी बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा. कार्रवाई के दौरान बाजार में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि शेष चिह्नित अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन आगे किस तरह की कार्रवाई करता है.
