लखीसराय से राजीव मुरारी सिन्हा की रिपोर्ट
Government Bus Service: अभयपुर और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों ने अभयपुर-मुंगेर रूट पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बस सेवा शुरू करने की मांग तेज कर दी है. सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं और दैनिक यात्रियों का कहना है कि सरकारी बस नहीं होने के कारण उन्हें रोजाना आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों ने लखीसराय और मुंगेर जिला प्रशासन के साथ परिवहन विभाग से इस दिशा में शीघ्र पहल करने की मांग की है.
छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
अभयपुर, पीरी बाजार और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मुंगेर विश्वविद्यालय एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए जाते हैं. लेकिन इस रूट पर सरकारी बस सेवा नहीं होने से उन्हें ट्रेन या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है. कई बार ट्रेन का समय अनुकूल नहीं होने के कारण छात्रों की कक्षाएं छूट जाती हैं. मजबूरी में उन्हें महंगे निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता है.
मरीजों को समय पर नहीं मिल पाता इलाज
मुंगेर प्रमंडल मुख्यालय होने के कारण यहां बड़े सरकारी और निजी अस्पताल स्थित हैं. इलाज के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इस क्षेत्र से मुंगेर पहुंचते हैं. लेकिन सीधी बस सेवा नहीं होने से गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना कठिन हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी बस सेवा शुरू होने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी.
शाम होते ही बंद हो जाता है निजी परिवहन
स्थानीय लोगों के अनुसार शाम ढलते ही इस मार्ग पर निजी वाहनों का परिचालन लगभग बंद हो जाता है. ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में मुंगेर या जमालपुर जाना बेहद मुश्किल हो जाता है. लोगों का कहना है कि यदि बिहार राज्य पथ परिवहन निगम सुबह और शाम कम से कम दो जोड़ी बसों का परिचालन शुरू कर दे, तो हजारों लोगों को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक आवागमन का विकल्प मिल जाएगा.
वर्षों पहले चलती थी सरकारी बस
Government Bus Service: ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्ष पहले इस मार्ग पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसें चलती थीं, लेकिन बाद में उनका परिचालन बंद हो गया. इसके बाद से लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और राज्य सरकार से अविलंब इस रूट पर सरकारी बस सेवा बहाल करने की मांग की है.
