लखीसराय जिले के पीरीबाजार प्रखंड अंतर्गत घोसैठ अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (APHC) में लंबे समय से चली आ रही एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) की किल्लत जल्द खत्म होने जा रही है. ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे स्थानीय लोगों में बड़ी राहत की उम्मीद जगी है.
सहयोग शिविर में गूंजा वैक्सीन की कमी का मुद्दा
घोसैठ पंचायत में आयोजित 'सहयोग शिविर' के दौरान पूर्व जिला परिषद सदस्य सह इंटरनेशनल कॉलेज घोसैठ के सचिव आशुतोष कुमार ने इस मुद्दे को अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से उठाया:
- 5 पंचायतों की आबादी परेशान: आशुतोष कुमार ने बताया कि घोसैठ और आसपास की लगभग पांच पंचायतों के लोगों को कुत्ता, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने पर एंटी-रेबीज वैक्सीन के लिए दर-दर भटकना पड़ता है.
- दूर जाने की मजबूरी: स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में टीका उपलब्ध न होने से मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सूर्यगढ़ा, सदर अस्पताल लखीसराय या मुंगेर जिले के धरहरा जाना पड़ता है. इससे आर्थिक बोझ, समय की बर्बादी और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने दिए तुरंत निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने त्वरित एक्शन लिया:
- समय पर इंडेंट भेजने का आदेश: उन्होंने घोसैठ एपीएचसी प्रभारी को हर महीने मांग पत्र (Indent) समय पर भेजने का कड़ा निर्देश जारी किया.
- नियमित उपलब्धता: घोसैठ एपीएचसी में एंटी-रेबीज वैक्सीन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीज को बाहर न जाना पड़े.
ग्रामीणों ने किया विभागीय पहल का स्वागत
स्वास्थ्य विभाग के इस सकारात्मक रुख का स्थानीय ग्रामीणों ने सहर्ष स्वागत किया है. लोगों को उम्मीद है कि अब अस्पताल में ही नियमित रूप से जरूरी दवाओं और एआरवी (ARV) की उपलब्धता बनी रहेगी, जिससे हजारों परिवारों को सीधे फायदा होगा.
