समतल, हल्के ढाल वाली भूमि पौधशला के लिए उपयोगी

मंगलवार को डीडीसी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में जल-जीवन-हरियाली दिवस के उपलक्ष में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक हुई.

लखीसराय. जिला समाहरणालय परिसर में स्थित मंत्रणा कक्ष के सभागार में मंगलवार को डीडीसी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में जल-जीवन-हरियाली दिवस के उपलक्ष में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक हुई. संबोधन में डीडीसी ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली दिवस प्रत्येक महीने के प्रथम मंगलवार को आयोजित किया जाता रहा है. इस माह जल-जीवन- हरियाली दिवस का आयोजन पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग विषय से संबंधित है. जल-जीवन-हरियाली एक महत्वकांक्षी बहु-हितधारक कार्यक्रम है. जिसका उद्देश्य, जल निकायों का संरक्षण, कायाकल्प करना और जल प्रदूषण मुक्त रखना, भूजल स्तर को बनाये रखना, पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करना, जलवायु अनुकूल कृषि, उर्जा संरक्षण आदि करना तथा लोगों में जलवायु परिवर्तन से संबंधित जागरूकता को बढ़ावा देना है. बैठक में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत पौधशाला सृजन एवं सघन पौधारोपण विषय पर परिचर्चा की गयी. जिसमें वन विभाग के अधिकारी द्वारा पौधशाला सृजन के लिए सबसे पहले स्थल का चयन, पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता, आवागमन का साधन, मृदा की स्थिति, समतल भुमि स्थल की बनावट हल्के ढाल वाला, श्रमिकों की उपलब्धता आदि के बारे में जानकारी दी गयी. बैठक में प्रभारी जिला पंचायत राज पदाधिकारी शशांक कुमार, जिला जन-संपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद, निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण एवं अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी परिचर्चा में उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >