22-23 अप्रैल की मध्य रात्रि में सोते समय बच्चे का किया गया था अपहरण
बच्चे की मौसी से बातचीत बंद होने की वजह से गुस्से में आरोपित ने अपने साथी के साथ मिलकर दिया घटना को अंजाम
लखीसराय. जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपहरण के महज कुछ ही घंटों के भीतर पांच वर्षीय मासूम बालक को सकुशल बरामद कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में संलिप्त दो शातिर अभियुक्तों को भी धर दबोचा है. यह पूरी कार्रवाई एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम द्वारा तकनीकी अनुसंधान के आधार पर की गयी है. बुधवार की शाम पुलिस उपाधीक्षक साइबर अजीत प्रताप सिंह चौहान ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि बीते 23 अप्रैल को वादिनी इंदु देवी ने लखीसराय थाने में शिकायत दर्ज करायी थी कि 22/23 अप्रैल की रात उनका पांच साल का बेटा घर में सोते समय अचानक गायब हो गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लखीसराय थाना कांड संख्या-223/26 दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ शिवम कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनायी गयी. टीम ने मानवीय व तकनीकी सूचनाओं के आधार पर एक मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया. इसी दौरान सूचना मिली कि किडनैपर बच्चे को लेकर कहीं बाहर भागने की फिराक में हैं. पुलिस ने लखीसराय पुल के पास घेराबंदी कर औरंगाबाद जिला के देव थाना क्षेत्र अंतर्गत भट्टपुर गांव निवासी मनोज राम के 23 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार व भागलपुर जिला के पीरपैंती थाना क्षेत्र के बाबूपुर गांव निवासी मो आमिन के 28 वर्षीय पुत्र मो फुलों को गिरफ्तार कर लिया. उनके कब्जे से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया. पूछताछ में यह बात सामने आयी कि मुख्य आरोपित मनीष कुमार की जान-पहचान वादिनी की बहन से थी. उसका घर आना-जाना था. पिछले कुछ दिनों से बातचीत बंद होने के कारण वह काफी गुस्से में था. इसी खुन्नस में उसने लखीसराय आकर बच्चे को उठा लिया था. इस सफल ऑपरेशन में लखीसराय थानाध्यक्ष अशोक कुमार, पुअनि रवि कुमार, पुअनि सौरभ कुमार, सिपाही कुलदीप कुमार और डीआईयू टीम की अहम भूमिका रही.
