परियोजना का क्रियान्वयन निर्धारित समय पर गुणवत्ता के साथ हो पूर्ण : मुख्य सचिव
500 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षात्मक बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गयी. मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक हुई
मुख्य सचिव ने की पांच सौ करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा
-एनएच 33 मोकामा-मुंगेर फोर लेन की प्रगति पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ समीक्षा की. बैठक में एनएच 33 मोकामा-मुंगेर फोर लेन सड़क परियोजना की प्रगति प्रमुख एजेंडा रही.
लखीसराय के प्रतिनिधि के अनुसार
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गुरुवार को प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षात्मक बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गयी. वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य की वृहद अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति परखी गई और अड़चनों के समाधान पर चर्चा हुई.
एनएच-33 फोर लेन पर विस्तृत मंथन :
बैठक में एनएच 33 मोकामा-मुंगेर फोर लेन सड़क परियोजना की प्रगति प्रमुख एजेंडा रही. भूमि अधिग्रहण की स्थिति, निर्माण कार्यों की रफ्तार, लंबित मामलों और कार्य निष्पादन की गति का बिंदुवार आकलन किया गया. मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि परियोजना का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा हो. उन्होंने कहा कि विकासात्मक परियोजनाओं का समयबद्ध निष्पादन क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नयी गति देगा. सभी बाधाओं को प्राथमिकता पर दूर किया जाए और विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो.
जिला प्रशासन ने रखी रिपोर्ट, प्रगति संतोषजनक :
लखीसराय जिला प्रशासन ने बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति और लंबित बिंदुओं की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की. समीक्षा के दौरान जिले में चल रहे कार्य की प्रगति को संतोषप्रद पाया गया. इस दौरान लखीसराय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से डीएम शैलेंद्र कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राहुल कुमार और जिला योजना पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने बैठक में हिस्सा लिया.
क्यों अहम है यह परियोजना :
एनएच 33 मोकामा-मुंगेर फोर लेन बनने से लखीसराय, मुंगेर और आसपास के जिलों में आवागमन सुगम होगा. इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नये अवसर बढ़ने की उम्मीद है. मुख्य सचिव ने दोहराया कि बड़ी परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जायेगी.