बैंकों शाखाओं में लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करें सुनिश्चित: डीएम

डीएम मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की द्वितीय तिमाही की समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय लखीसराय स्थित मंत्रणा कक्ष में आयोजित की गयी.

डीएलसीसी व डीएलआरसी की समीक्षात्मक बैठक आयोजित

महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने पर दिया गया विशेष बल

लखीसराय.डीएम मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की द्वितीय तिमाही की समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय लखीसराय स्थित मंत्रणा कक्ष में आयोजित की गयी. बैठक के दौरान वार्षिक ऋण योजना की द्वितीय तिमाही की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी. इसमें प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, कृषि ऋण, एमएसएमई ऋण, ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो), पीएमजेडीवाई, जिला साख योजना की उपलब्धि, पीएमएफबीवाई, पीएम स्वनिधि, महिला स्वयं सहायता समूहों का क्रेडिट लिंकेज, गव्य विकास योजना, मत्स्य पालन के लिए केसीसी, आरसेटी की उपलब्धियां, बचत खाता, नाबार्ड द्वारा संचालित योजनाएं, पीएम एसवीएएनिधि, पीएमजेजेबीवाई एवं पीएमएसबीवाई के क्लेम सेटलमेंट सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की गयी. भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक द्वारा निष्क्रिय खातों की नियमित समीक्षा, बीसी (बैंकिंग कॉरेस्पांडेंट) पर निगरानी तथा खाता खोलने के दौरान केवाईसी एवं रिकवरी प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया. उन्होंने बैंकों से यह भी अपेक्षा की कि वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाय. डीएम ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि शाखाओं में लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें. जिन योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि नहीं हुई है अथवा उपलब्धि शून्य है, उन्हें वर्तमान तिमाही में प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर अग्रणी जिला कार्यालय को तत्काल सूचित किया जाय. उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया. बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए बैंक एवं विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाय. वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने, आरसेटी प्रशिक्षणों के माध्यम से स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने तथा बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के शत-प्रतिशत आच्छादन के लिए ठोस प्रयास किये जायें. अंत में अध्यक्ष की अनुमति से अग्रणी जिला प्रबंधक संजीत कुमार ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया. इसके पश्चात बैठक में लिये गये निर्णयों के अनुपालन के निर्देशों के साथ समीक्षात्मक बैठक की कार्यवाही समाप्त की गयी. बैठक में डीडीसी सुमित कुमार, वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग) श्री रवि कुमार, भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम), अग्रणी जिला प्रबंधक संजीत कुमार, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जीविका प्रतिनिधि सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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