मिट्टी की उर्वरता व पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर
मिट्टी की उर्वरता व पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर
जलवायु अनुकूल खेती पर कार्यशाला, किसानों को मिले गुरुमंत्र
लखीसराय. जिला कृषि कार्यालय के सभागार में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रकृति आधारित व समुदाय केंद्रित जलवायु अनुकूल खेती विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों के प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया. कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन डीएओ कुंदन कुमार, उप परियोजना निदेशक आत्मा रिंटू नंदी, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण अंकित आनंद व सहायक निदेशक बीज उत्पादन सह विपणन पदाधिकारी सौरभ कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला में बदलते जलवायु परिदृश्य व बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती व जलवायु अनुकूल खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. जलवायु अनुकूल खेती करने की विधि बताया गया. यह पद्धतियां न केवल खेती की लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता, जैव विविधता व पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. बैठक में जिले के सभी प्रगतिशील किसान मौजूद थे.