लखीसराय के प्रतिनिधि के अनुसार
सदर प्रखंड के पंचायतों में लूट की छूट मिली हुई है. लाखों रुपयों के गबन मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है. इससे जिला प्रशासन पर लोगों की उंगली उठ रही है. जानकारी के अनुसार सदर प्रखंड के साबिकपुर पंचायत में वर्ष 2023 में सात राजकीय नलकूप का जीर्णोद्धार किया गया. जीर्णोद्वार के बाद लोदिया निवासी सह आरटीआई कार्यकर्ता टुनटुन सिंह ने लोक सूचना के अधिकार से सूचना मांगी.सूचना उपलब्ध नहीं होने पर वे प्रथम अपील में गये. इसके बाद पंचायती राज विभाग पटना के अनुश्रवण पदाधिकारी कल्पना कुमारी ने जिलाधिकारी लखीसराय को पत्र लिखकर कहा कि साबिकपुर पंचायत के सभी सात राजकीय नलकूप का जीर्णोद्धार किया गया. सात राजकीय नलकूप जीर्णोद्धार के लघु जल संसाधन विभाग बिहार पटना द्वारा त्रिस्तरीय समिति का गठन कर भौतिक स्थिति की समीक्षा एवं जांच की गयी.
उक्त समिति द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में प्राक्कलन में रिड्रिलिंग का प्रावधान नहीं रहते हुए भी रिड्रिलिंग का कार्य बिना कराये एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र के बिना ही राशि का गबन कर लिया. जांच के दौरान गबन राशि एवं अनियमियता में ग्राम पंचायत साबिकपुर के तत्कालीन पंचायत सचिव एवं मुखिया दोषी पाये गये. अनुश्रवण पदाधिकारी ने इस गबन को लेकर पंचायत के मुखिया एवं पंचायत सचिव पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की अपील की थी. तत्कालीन जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट के माध्यम से तत्कालीन पंचायती राज पदाधिकारी को कानूनी कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा भी था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.