खेत की जुताई के दौरान मिली मां दुर्गा की प्रतिमा, आज भी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है उरैन का दुर्गा मंदिर

लखीसराय के उरैन गांव का दुर्गा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। 1949 में खेत की जुताई में मिली मां दुर्गा की प्रतिमा आज भी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती है।

कजरा (लखीसराय ) से सुनील कुमार की रिपोर्ट

Durga Puja: लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र स्थित उरैन गांव का श्री श्री 108 दुर्गा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है. नवरात्र के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जबकि पूरे वर्ष मां दुर्गा के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है. इस मंदिर का इतिहास भी उतना ही अद्भुत है, जितनी इसकी धार्मिक महत्ता.

खेत की जुताई में मिली थी मां दुर्गा की प्रतिमा

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1949 में गांव निवासी स्व. मसूदन दास चमरगढ़ी के उत्तरी हिस्से में खेत की जुताई कर रहे थे. इसी दौरान जमीन से लगभग छह फीट लंबी अष्टधातु पत्थर पर उकेरी गई दस भुजाओं वाली सिंहवाहिनी मां दुर्गा की प्रतिमा निकली. इस चमत्कारिक घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचने लगे.

प्रतिमा चोरी होने के बाद बना भव्य मंदिर

शुरुआत में मिली प्रतिमा को गांव के चंडीका स्थान में स्थापित किया गया, लेकिन कुछ समय बाद वह बहुमूल्य प्रतिमा चोरी हो गई. इसके बाद ग्रामीणों ने मां के स्थायी मंदिर निर्माण का संकल्प लिया. गांव के मंगर दास और चंदू महतो ने संयुक्त रूप से 13 डिसमिल भूमि दान दी. वर्ष 1951 में मंदिर निर्माण शुरू हुआ और 1952 में विधिवत पूजा-अर्चना प्रारंभ की गई.

64 वर्षों से सामूहिक सहयोग से हो रही पूजा

उरैन का दुर्गा पूजा महोत्सव सामाजिक सौहार्द का भी उदाहरण है. पिछले लगभग 64 वर्षों से गांव के सभी समुदायों के लोग मिलकर पूजा का आयोजन करते आ रहे हैं. समय के साथ मंदिर का स्वरूप बदला, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पहले जैसी मजबूत बनी हुई है.

मां के दरबार में पूरी होती है हर मनोकामना

पूजा समिति के अध्यक्ष सिपाही यादव बताते हैं कि दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं. उनका कहना है कि मां के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती. गांव के बुजुर्ग भी बताते हैं कि कई पीढ़ियों से लोग इस मंदिर से जुड़े हैं और मां की कृपा से अनेक भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हुई हैं.

इस वर्ष भी भव्य तैयारी में जुटी पूजा समिति

Durga Puja: इस वर्ष भी दुर्गा पूजा को भव्य बनाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. जमालपुर के दौलतपुर निवासी मूर्तिकार राजेंद्र पंडित और संतोष पंडित मां दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप दे रहे हैं. मंदिर परिसर और पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है. व्यवस्थापक डोमन यादव ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे तथा सुरक्षा के लिए समिति के स्वयंसेवकों के साथ स्थानीय प्रशासन भी तैनात रहेगा.उरैन का श्री श्री 108 दुर्गा मंदिर आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और सामाजिक एकजुटता का जीवंत प्रतीक बन चुका है.

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Published by: Pintu Pranav

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