बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के कारण जिले में मोथा तूफान का मंडरा रहा खतरा

बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के कारण जिले में मोथा तूफान का मंडरा रहा खतरा

लखीसराय. बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव बनने के कारण बुधवार से मौसम में बदलाव देखने को मिला है. बुधवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे व रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही. मौसम में आए इस परिवर्तन से किसानों की चिंता बढ़ गयी है, क्योंकि बारिश होने से धान की पकी हुई फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना बन गयी है. धान के पके दानों पर बारिश का पानी गिरने से दाने काले पड़ सकते हैं या सड़ सकते हैं, जिससे पैदावार प्रभावित हो सकती है. धान की फसल के साथ-साथ अन्य सब्जी फसलों को भी बारिश से नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. हाल ही में किसानों ने गोभी, बैंगन, मिर्च व टमाटर के पौधे लगाए हैं, जो अभी काफी नाजुक अवस्था में हैं. ज्यादा बारिश या लगातार नमी बने रहने से ये पौधे गल सकते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. हालांकि फिलहाल जो बूंदाबांदी हुई है, उससे फसलों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार लखीसराय में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने व हल्की बूंदाबांदी जारी रहने की संभावना है. विभाग ने 31 अक्तूबर तक बादल और हवा चलने के संकेत दिए हैं. बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मोथा तूफान का खतरा भी मंडराने के संकेत पहले ही मौसम विभाग की ओर से जारी किए जा चुके हैं. विभाग का कहना है कि तेज हवा के साथ हल्की बारिश हो सकती है. जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव जरूर हुआ है, लेकिन फिलहाल जो बूंदाबांदी हो रही है, उससे फसलों को कोई खास नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार जिले में हल्की बूंदाबांदी की ही संभावना है, जिससे किसानों को नुकसान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है.

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