जल जीवन हरियाली में टपकन सिंचाई, जैविक खेती, वैकल्पिक फसल पर चर्चा

जल जीवन हरियाली में टपकन सिंचाई, जैविक खेती, वैकल्पिक फसल पर चर्चा

लखीसराय. समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में मंगलवार को जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन डीएम की अध्यक्षता में किया गया. जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन प्रत्येक महीने के प्रथम मंगलवार को किया जाता है. प्रत्येक महीने में जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन एक नोडल विभाग द्वारा किया जाता है. अप्रैल महीने में जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन कृषि विभाग के द्वारा आयोजित किया गया. जल जीवन हरियाली दिवस में डीएम ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए नोडल पदाधिकारी सह जिला कृषि पदाधिकारी सुबोध कुमार सुधांशु को विषय ””वैकल्पिक फसलों, टपकन सिंचाई, जैविक खेती एवं अन्य तकनीकों का उपयोग”” पर परिचर्चा शुरू करने का निर्देश दिया. वहीं बताया गया कि लखीसराय जिले में जैविक खेती, टपकन सिंचाई एवं अन्य तकनीकों के उपयोग से न केवल जल संरक्षण में मदद मिली है बल्कि किसानों को भी उनके उत्पादकता के अनुरूप ज्यादा लाभ प्राप्त हुआ है. डीएम ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि जल, जीवन और हरियाली तीनों आपस में जुड़े हुए हैं जल से ही हरियाली संभव है तथा जल एवं हरियाली से ही जीवन की प्रासंगिकता है जल- जीवन- हरियाली दिवस का परिचर्चा का लाइव प्रसारण विभागीय सभागार, कृषि विभाग, कृषि भवन, मीठापुर से किया गया. जिसमें उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा जल जीवन हरियाली के विषय वस्तु पर विस्तृत चर्चा की गयी. परिचर्चा में डीडीसी सुमित कुमार, सिविल सर्जन बीपी सिन्हा, जिला कृषि पदाधिकारी सुबोध कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद, निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण नीरज कुमार के साथ अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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