-कृषि वानिकी से जीरो जुटाई एवं परंपरागत जुताई में बताया गया अंतर
लखीसरायआईटीसी मिशन सुनहरा कल प्रवाह के माध्यम से शुक्रवार को बड़हिया प्रखंड के खुटहा पश्चिमी पंचायत के खुटहा गांव में एकदिवसीय क्षेत्रीय परिभ्रमण किया गया. परिभ्रमण में छह गांव कल्याणपुर, लाल दियारा, बीहट टोला, जयंती गांव, चेतन टोला एवं खुटहा से आये 30 किसानों का नवनिर्मित तालाब के किनारे बैठक किया गया. बैठक में किसान सलाहकार दिलीप कुमार के द्वारा शून्य जुताई के माध्यम से की गयी. गेहूं में सिंचाई प्रबंधन एवं कीट प्रबंधन के साथ-साथ तालाब निर्माण की विशेषता के बारे में चर्चा की गयी, साथ ही कृषि वानिकी के बारे में भी बताया गया. सभी प्रक्षेत्र भ्रमण में आये किसान को नवनिर्मित तालाब दिखाया गया एवं किसानों के साथ शून्य जुताई खेत परंपरागत विधि से लगाये गये गेहूं के फसल का खेत एवं शून्य जुताई से लगे खेत को दिखाकर दोनों में अंतर बताया गया. साथ ही कृषि वानिकी में सरसों के साथ लगे एक हजार मोहगनी पौधा का भ्रमण कराया गया, जो तीन साल पहले 10 रुपये प्रति पौधा लगाया गया था. अब 20 साल बाद पौधा 20 हजार प्रति पौधा लगाये गये किसान बबलू सिंह का आंकलन करके विजिट कराया गया. किसानों एवं किसान सलाहकार के साथ पीओ धीरेंद्र सिंह उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
