बीच सड़क पर बहता है घरों से निकलने वाला गंदा पानी

बीच सड़क पर बहता है घरों से निकलने वाला गंदा पानी

कजरा. थाना क्षेत्र के श्रीकिशुन पंचायत अंतर्गत नरोत्तमपुर-विक्रमपुर गांव बीच बने सड़क पर आसपास के घरों से निकलने वाला गंदा पानी बीते कई वर्षों से बह रहा है. जिसका निदान निकालने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है. राहगीरों, छात्र-छात्राओं के अलावा बाजार आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. पर्व त्योहार के दिनों में श्रद्धालुओं का इस रास्ते से गुजरना मुहाल हो जाता है जबकि प्रखंड व बाजार आने जाने का एकमात्र रास्ता है.

दस गांव का है मुख्य रास्ता

नरोत्तमपुर, बिक्रमपुर, श्रीघना, श्रीघना मुशहरी, लखना, रामतलीगंज, शिवडीह, श्रीकिशुन कोड़ासी, राजघाट कोल कोड़ासी के अलावे आसपास के इलाके के लोगों को बाजार, रेलवे स्टेशन, प्रखंड व जिला आने जाने का एक मात्र रास्ता है. इस रास्ते से होकर प्लस टू उच्च विद्यालय नरोत्तमपुर कजरा, एसएसबी कैंप कजरा, कन्या मध्य विद्यालय कजरा, प्राथमिक विद्यालय कजरा, वन विभाग ऑफिस कजरा, राजस्व ऑफिस कजरा आने जाने शिक्षकों, बच्चों, जवानों, कर्मचारियों, श्री किशुन पंचायत के मुखिया, सरपंच व वार्ड सदस्यों के अलावे ग्रामीणों का यह मुख्य मार्ग है.

देवस्थल जाने का यह है मुख्य मार्ग

शृंगीश्रृषि व जल्लपा स्थान मंदिर आने का जाने का यह मुख्य मार्ग है. सोमवार को शृंगीश्रृषि व मंगलवार को जल्लपा स्थान जाने को लेकर इस मार्ग पर काफी भीड़ रहती है. वहीं इस मार्ग पर नाले का गंदा पानी बहने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

कब से है समस्या

वर्ष 1998-99 से पहले यही पानी लोगों के घरों से निकलकर रोड के नीचे से पाइप द्वारा उस पार होकर सीधे नदी में गिरता था. जिससे किसी को किसी तरह की परेशानी नहीं होती थी. यह नदी घोघला कोल से निकलने वाली नदी का हिस्सा है. नदी का पानी कजरा पश्चिम रेलवे समपार फाटक से सटे पुल के नीचे से पार हो जाता था. इस नदी कि चैड़ाई लगभग 25 फीट के आसपास है. वर्ष लगभग 1998-99 के समय से ही लोगों द्वारा उसे अतिक्रमण करना प्रारंभ कर दिया गया. जिसे अतिक्रमित कर धीरे-धीरे भरकर उस पर घर बना लिया गया. जिस कारण नदी बंद हो गयी और लोगों के घरों का पानी अब रोड पर बहने लगा है.

क्या हो सकता है निदान

घोघला कोल से आने वाली इस नदी को अगर साफ करा दिया जाय और एक नाला का निर्माण करा दिया जाय. जिससे ग्रामीणों के घरों का निकलने वाला पानी सीधे नाले में गिरेगा और आमजन को इस समस्या से निजात मिल जायेगा.

किया गया था पहलवर्तमान श्रीकिशुन मुखिया शकीला देवी द्वारा नाला बनाने को लेकर पहल किया गया था परंतु ग्रामीणों द्वारा रोड से सटे नाला निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया गया. जिसकी जांच पूर्व लखीसराय जिलाधिकारी अमरेंद्र कुमार द्वारा किया गया. जिसमें ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को नदी होने की बात बतायी गयी और उस नदी को साफ कराने की बात कही गयी. जिससे इस समस्या का निदान होना था. वहीं जिलाधिकारियों द्वारा ऑफिस जाकर इससे संबंधित अधिकारियों से बात करने की बात कही गयी. परंतु पूर्व जिलाधिकारी अमरेंद्र कुमार के सेवानिवृत हो जाने के कारण यह कार्य पूर्णतः ठप हो गया.

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