नक्सल प्रभावित इलाकों में लोकतंत्र को मिला जबरदस्त समर्थन

निर्वाचन आयोग के विश्वास और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से लखीसराय जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में इस बार लोकतंत्र को मिला समर्थन

लखीसराय

निर्वाचन आयोग के विश्वास और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से लखीसराय जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में इस बार लोकतंत्र को मिला समर्थन. लखीसराय में नक्सल प्रभावित बूथों पर लोकतंत्र का उत्सव रिकॉर्ड 70 प्रतिशत मतदान के साथ मतदाताओं ने मनाया. यह सामान्य मतदान के आंकड़ों की तुलना में पांच प्रतिशत अधिक है. जिन क्षेत्रों में पहले मतदान का प्रतिशत बेहद कम रहता था, वहां इस बार मतदाताओं ने लोकतंत्र में अपनी आस्था का परिचय दिया. पूर्व में नक्सल प्रभावित 56 मतदान केंद्रों में भय और असुरक्षा के कारण मतदान प्रतिशत काफी कम रहता था. जबकि इस बार इन बूथों में शानदार वोटिंग रही. जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से इस बार स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों के तीन बूथ दुग्धम्, बासकुंड एवं कछुआ जो लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं. वहां मतदान शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. गृह मंत्रालय की पहल पर इन तीनों बूथों को मतदाताओं की सुविधा और विश्वास बनाये रखने के लिए इन्हें अपने मूल स्थानों पर ही रखा गया.

प्रशासन का प्रयास लाया रंग

जिला प्रशासन ने इन इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ मतदाता जागरूकता अभियानों का भी प्रभावी संचालन किया. विशेष रूप से स्वीप कार्यक्रम, फुटबॉल मैच, स्थानीय लोगों से संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और महिला समूहों के माध्यम से मतदान के प्रति जागरूक किया गया. इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित इन तीन बूथों पर सामान्य मतदान के आंकड़ों की तुलना में बंपर वोटिंग हुई. यह न केवल प्रशासनिक सफलता का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण जनता के लोकतंत्र में बढ़ते विश्वास का भी परिचायक है.

यह लोकतंत्र की है सच्ची जीत

मतदाताओं ने गर्व से कहा कि वे चाहते हैं कि उनके गांवों में विकास और शांति की प्रक्रिया निरंतर जारी रहे, और मतदान के माध्यम से वे इस दिशा में अपनी भूमिका निभा रहे हैं. ग्रामीणों ने अपने गांव में मतदान केंद्र को बने रहने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की सच्ची जीत है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह सफलता स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा बलों और ग्रामीण जनता के सामूहिक सहयोग से संभव हुई है. आगामी चुनावों में भी इसी तरह के जागरूकता और विश्वास निर्माण कार्यक्रम जारी रहेंगे. इस प्रकार लखीसराय के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस बार का मतदान न केवल सुरक्षा की दृष्टि से शांतिपूर्ण रहा, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जनभागीदारी और आस्था का अद्भुत उदाहरण बन गया.

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