टाल क्षेत्र को अलग प्रखंड बनाने की उठी मांग

प्रखंड अंतर्गत टाल क्षेत्र की उपेक्षा को लेकर वर्षों से लंबित मांग एक बार फिर जोर पकड़ लिया है

जदयू के राम प्रसाद कुमार ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

बड़हिया.

प्रखंड अंतर्गत टाल क्षेत्र की उपेक्षा को लेकर वर्षों से लंबित मांग एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. जदयू के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष राम प्रसाद कुमार ने डीएम को एक ज्ञापन सौंपते हुए टाल क्षेत्र की तीन पंचायतों को मिलाकर अलग प्रखंड बनाये जाने की मांग की है. राम प्रसाद कुमार ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि वर्ष 1993 में तत्कालीन सरकार द्वारा टाल क्षेत्र के समुचित विकास के लिए एक नये प्रखंड घाटकुसुमा की आधारशिला रखी गयी थी. उस समय बड़हिया प्रखंड की चार पंचायत नथनपुर, बीरूपुर, ऐजनीघाट और सायरबीघा को प्रस्तावित घाटकुसुमा प्रखंड में शामिल करने की योजना थी, लेकिन आज लगभग 32 वर्षों बाद भी वह योजना सिर्फ कागजों में ही सीमित रह गयी है. क्षेत्र की जनता को अब भी मूलभूत सुविधाओं और प्रशासनिक सेवाओं के लिए दूरस्थ प्रखंड मुख्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है. राम प्रसाद कुमार ने बताया कि इन पांच पंचायतों की जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ये क्षेत्र प्रखंड का दर्जा पाने की सभी आवश्यक शर्तों को पूर्ण करते हैं. उन्होंने डीएम से आग्रह किया कि प्रशासन इस दिशा में ठोस पहल करे ताकि क्षेत्र के लोगों को न्याय मिल सके और विकास की गति तेज हो. ज्ञापन के माध्यम से यह भी अपील की गई है कि नये प्रखंड का मुख्यालय टाल क्षेत्र के मध्यवर्ती भाग में स्थित किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाय, जिससे सभी पंचायतों को समान दूरी और सुविधा मिल सके. इस मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता में एक बार फिर आशा की किरण जगी है. लोगों का मानना है कि अगर टाल क्षेत्र को अलग प्रखंड का दर्जा मिल जाता है, तो स्थानीय विकास को नयी दिशा मिलेगी और पिछड़ेपन से उबरने में सहायता मिलेगी.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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