स्कूलों में बनेगा लीगल अवेयरनेस कॉर्नर, डालसा ने लिया निर्णय
Lakhisari News : लखीसराय में बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर बड़ी पहल शुरू हुई है. अब स्कूलों में हेल्प बॉक्स, लीगल अवेयरनेस कॉर्नर और पॉक्सो एक्ट से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करायी जाएगी.
लखीसराय से राजीव सिन्हा की रिपोर्ट : लखीसराय में जागृति स्कीम 2025 और पॉक्सो एक्ट के तहत “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य” अभियान को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिले के सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और कानूनी जानकारी से जुड़े कई आवश्यक निर्देश दिए गये.
डालसा सचिव की मौजूदगी में हुई बैठक
रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लखीसराय के तत्वावधान में आयोजित बैठक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार Syed Mohammad Shabbir Alam के निर्देश पर हुई. बैठक डालसा सचिव विधानंद सागर के प्रकोष्ठ में आयोजित की गयी.
कई स्कूलों के प्रधानाचार्य रहे मौजूद
बैठक में जिले के कई सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल हुए. इनमें भविष्य भारती शिक्षा सेवा सदन, नाथ पब्लिक स्कूल, डॉ. भीमराव अंबेडकर बालिका आवासीय उच्च विद्यालय बिहरौरा, पब्लिक उच्च विद्यालय सूर्यगढ़ा, राजकीय हसनपुर उच्च विद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय वन्नूबगीचा, आरलाल कॉलेज, उच्च माध्यमिक विद्यालय किऊल खगौर और बालिका विद्यापीठ विद्या भवन के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
स्कूलों में बनेगा लीगल अवेयरनेस कॉर्नर
बैठक में सभी स्कूलों में लीगल अवेयरनेस कॉर्नर चिह्नित करने और हेल्प बॉक्स स्थापित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही हेल्पलाइन नंबर और जरूरी संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा गया ताकि बच्चों को जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके.
पॉक्सो एक्ट को लेकर चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक में पॉक्सो एक्ट-2012 और सुरक्षित बचपन अभियान को लेकर स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर सहमति बनी. इसके तहत नुक्कड़ नाटक, ऑडियो-वीडियो विजुअल्स, अभिभावकों के साथ बैठक और शिक्षकों को संवेदनशील बनाने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
बच्चों को बताया जाएगा गुड टच और बैड टच
डालसा सचिव Vidhanand Sagar ने कहा कि जागृति स्कीम 2025 के तहत बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर बच्चों को गुड टच-बैड टच और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों से अवगत कराया जाएगा ताकि सुरक्षित बचपन और सुरक्षित भविष्य की परिकल्पना को साकार किया जा सके.
जागरूकता से ही बच्चों की सुरक्षा संभव
बैठक में मौजूद शिक्षकों और प्रधानाचार्यों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि स्कूल और अभिभावकों की संयुक्त जिम्मेदारी से ही बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सकता है.