सेवा संघ द्वारा कैबिनेट प्रस्ताव संख्या 23 एवं 30 को मंत्री ने माना सही
12 फरवरी को सेवा संघ की शर्त का होगा अधिसूचना जारी
लखीसराय
जिले के बिहार राज्य राजस्व सेवा संघ के सभी अंचलाधिकारी व राजस्व अधिकारी अपनी दो सूत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल पर चले गये थे. जिसके बाद राजस्व संबंधित सभी कार्य ठप पड़ गया था. यहां तक कि किसी भी प्रकार के आय, आवासीय, जाति आदि प्रमाण पत्र भी बनना बंद हो गया. जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी थी. पिछले 29 जनवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक में डीसीएलआर के पदनाम को परिवर्तित कर अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी एवं डीसीएलआर के 101 सृजित पद को राजस्व विभाग को नहीं देकर बिहार प्रशासनिक सेवा को देने की बात कही गयी. इसका विरोध करते हुए बिहार राज्य राजस्व सेवा संघ के सीओ व आरओ ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले का यह अवमानना है. इस फैसले को रद्द कर पुराने फैसले को फिर से लाया जाय, फैसले रद्द होने तक वह सब अनिश्चितकाल हड़ताल पर रहेंगे. जिसके बाद सभी सीओ एवं आरओ हड़ताल पर चले गये. भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के प्रधान सचिव के साथ सेवा संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों की बातचीत हुई. जिसमें कैबिनेट प्रस्ताव संख्या 23 एवं 30 को वापस लेने एवं 12 फरवरी तक अधिसूचना जारी कर देने की बात कही गयी है. आरओ रौशन कुमार ने बताया कि यह फैसला मौखिक रूप से लिया गया है. 12 फरवरी तक अधिसूचना जारी नहीं होने पर बिहार राज्य राजस्व सेवा संघ फिर से हड़ताल पर जाने का फैसला ले सकता है.———————————————————————————————————-
