टाई-बेल्ट की चमक से खिले बच्चों के चेहरे, ड्रेस कोड से बढ़ेगा आत्मविश्वास

टाई-बेल्ट की चमक से खिले बच्चों के चेहरे, ड्रेस कोड से बढ़ेगा आत्मविश्वास

गाड़ी महेशपुर स्कूल में गरिमापूर्ण समारोह आयोजित, बच्चों में दिखा भारी उत्साह

शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, सर्वांगीण विकास और अनुशासन भी जरूरी: बीईओ

पीरीबाजार. शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व व अनुशासन से भी आता है. इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए पीरीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय गाड़ी महेशपुर में एक समारोह के तहत छात्र-छात्राओं के बीच टाई एवं बेल्ट का वितरण किया गया. मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शारदा सुमन के नेतृत्व में बच्चों को ड्रेस कोड से जुड़ी सहायक सामग्री प्रदान की गयी.

बीईओ ने बच्चों को पहनाई टाई, जताया स्कूल के प्रति गौरव

इस अवसर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) डॉ रंजना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. उन्होंने अपने हाथों से बच्चों को टाई पहनाई, जिसे पाकर छात्रों के चेहरे खुशी से खिल उठे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रंजना ने विद्यालय प्रबंधन के इस प्रयास की सराहना की. उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल साक्षर बनाना नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है. जब बच्चे पूर्ण वेशभूषा में होते हैं, तो उनमें स्कूल के प्रति गौरव और खुद के प्रति आत्मविश्वास जागृत होता है.

समानता व अनुशासन पर दिया जोर

प्रधानाध्यापिका शारदा सुमन ने अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक समान वेशभूषा छात्रों के बीच समानता का भाव पैदा करती है. इससे अमीर-गरीब का भेद मिटता है और बच्चों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता बढ़ती है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से बच्चे खुद को एक बेहतर भविष्य के लिए तैयार महसूस करेंगे. कहा कि अनुशासन और एकरूपता ही किसी शैक्षणिक संस्थान की असली पहचान है. हमारा उद्देश्य बच्चों को न केवल शिक्षित करना है, बल्कि उन्हें एक बेहतर नागरिक के रूप में भी गढ़ना है.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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