करें बाल विवाह का बहिष्कार, जानकारी होने से प्रशासन को करें सूचित
आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित किया गया जागरूकता कार्यक्रम
लखीसराय
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत समहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में विभिन्न प्रखंडों से आयी आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह अभियान 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महिला एवं बाल विकास निगम लखीसराय के जिला परियोजना प्रबंधक डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप है. बाल विवाह से बालिकाओं की शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ को प्रभावित करता है. जो उनके समग्र जीवन के विकास में बाधा है. इसलिए बाल विवाह का बहिष्कार करें एवं इसकी जानकारी जिला प्रशासन को भी दें. हब के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला. निर्धारित उम्र से पहले शादी करना कानूनी रूप से जुर्म है. इसके तहत एक लाख जुर्माना व दो वर्ष कारावास की सजा का प्रावधान है. इतना ही नहीं बाल विवाह से बालिका के सपना उनका बचपन उनका स्वास्थ्य और पूरे जीवन को प्रभावित करता है. सखी वन स्टॉप सेंटर के केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी ने संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं व किशोरियों की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए जिला में सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित है. जहां एक ही छत के नीचे घरेलू हिंसा से प्रताड़ित महिलाओं को निःशुल्क मदद किया जाता है. किसी भी प्रकार की परेशानी की स्थिति में 181 हेल्पलाइन, अन्य टोल-फ्री नंबरों तथा हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली निःशुल्क सहायता सेवाओं सहित स्वच्छता प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गयी. जिला समन्वयक कन्हैया कुमार ने कहा कि बाल विवाह का बहिष्कार करें, बाल विवाह से न खुद का भला हो सकता है और न ही समाज का. बाल विवाह होने से मानसिक व शारीरिक रूप से बेटियां कमजोर हो जाती है. खुद के बेहतर भविष्य का निर्णय नहीं ले पाती हैं. इसलिए बाल विवाह का बहिष्कार करें. यदि कहीं कोई इसकी सूचना आती है तो चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शिकायत दर्ज करें. इस अवसर पर जिले के दर्जनों आंगनबाड़ी सेविका मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह रोकथाम हेतु सामूहिक रूप से शपथ दिलाया गया.