बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव (लो-प्रेशर सिस्टम) के चलते लखीसराय सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बिगड़ने की प्रबल संभावना बन गई है. मौसम विज्ञानियों के अनुसार, लो-प्रेशर की निरंतर सक्रियता के कारण चक्रवातीय तूफान, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश से इनकार नहीं किया जा सकता. शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम तेजी से करवट ले सकता है. गुरुवार को दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही और नम हवाओं के चलते लोगों को तीखी धूप से राहत तो मिली, लेकिन शुक्रवार को 32 डिग्री सेल्सियस तापमान और उच्च आर्द्रता के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है.
दोपहर बाद तेजी से बिगड़ेगा मौसम का रुख
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मौसमी हलचल के प्रमुख बिंदु:
- लो-प्रेशर और चक्रवातीय तंत्र: बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन लगातार मानसूनी हवाओं को ताकत दे रहा है, जिससे गरज-चमक के साथ आंधी-पानी की परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं.
- दोपहर बाद बारिश के प्रबल आसार: गुरुवार को हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद शुक्रवार की सुबह बादलों और हल्की धूप की लुकाछिपी के बीच गुजरेगी, लेकिन दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है.
लखीसराय: आज का तापमान व मौसमी पूर्वानुमान
| पैमाना (Parameter) | पूर्वानुमान स्थिति (Forecast Data) |
| अधिकतम तापमान | लगभग 32°C |
| न्यूनतम तापमान | लगभग 28°C |
| सिस्टम का प्रभाव | बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो-प्रेशर (निम्न दबाव) |
| मौसमी गतिविधि | दोपहर बाद तेज हवाएं, गरज के साथ चक्रवातीय बारिश |
| वायुमंडलीय स्थिति | उमस भरी गर्मी व आसमान में घने बादलों का डेरा |
किसानों के लिए विशेष अलर्ट: खेत का काम निपटाकर सुरक्षित स्थानों पर लौटें
आकाशीय बिजली (वज्रपात) और अचानक तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए एडवाइजरी जारी की गई है:
- खुले खेतों में न रहें: किसानों और कृषि मजदूरों को सलाह दी गई है कि वे दिन के जरूरी कृषि कार्य जल्द से जल्द निपटा लें. दोपहर बाद आसमान में घने काले बादल दिखने या गड़गड़ाहट शुरू होते ही खेतों से हटकर पक्के मकानों अथवा सुरक्षित स्थलों पर शरण लें.
- पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी: तूफान और गरज-चमक के दौरान ऊंचे पेड़ों, ट्रांसफार्मर या लोहे के खंभों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों.
