लखीसराय में DM की सख्ती का दिखा असर, 24 घंटे में खुल गया बड़हिया सीएचसी, बंद अस्पताल में फिर शुरू हुआ इलाज

Lakhisarai News: लखीसराय जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर जिला प्रशासन की सख्ती का असर दिखने लगा है. बड़हिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जो ताला बंद मिला था, 24 घंटे में पूरी तरह चालू हो गया. अब लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यह सुधार स्थायी रहेगा.

Lakhisarai News: लखीसराय जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन की सख्ती का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है. एक दिन पहले ताला लटका मिला बड़हिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) महज 24 घंटे के भीतर पूरी तरह चालू हो गया. शनिवार को जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने दोबारा औचक निरीक्षण किया तो अस्पताल खुला मिला, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मौजूद थे और मरीजों का इलाज भी नियमित रूप से चल रहा था.

यह कार्रवाई इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि 7.28 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अस्पताल के लंबे समय तक बंद रहने को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी थी. अब सवाल यह है कि क्या यह बदलाव स्थायी रहेगा या केवल प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित रहेगा.

पहले निरीक्षण में बंद मिला था अस्पताल

शुक्रवार को जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बड़हिया सीएचसी का औचक निरीक्षण किया था. उस दौरान अस्पताल में ताला लटका मिला, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

अस्पताल बंद मिलने पर डीएम ने मौके से ही सिविल सर्जन को फोन कर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने तत्काल अस्पताल को चालू कराने, चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने और सभी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने का निर्देश दिया.

24 घंटे के भीतर बदली तस्वीर

डीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया. आनन-फानन में अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई. दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई और आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया.

शनिवार को जब जिलाधिकारी दोबारा अस्पताल पहुंचे तो पूरी तस्वीर बदल चुकी थी. अस्पताल खुला था, सभी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे. मरीजों का इलाज नियमित रूप से किया जा रहा था और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती मिलीं.

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की लगातार निगरानी की जाए.

लोगों में जगी उम्मीद, लेकिन सवाल अब भी बाकी

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से अस्पताल बंद रहने के कारण मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था. ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई से लोगों में उम्मीद जरूर जगी है.

हालांकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अस्पताल की यह व्यवस्था आगे भी नियमित बनी रहेगी या फिर निरीक्षण खत्म होने के बाद पुरानी स्थिति लौट आएगी. अब स्थानीय लोगों की नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी है

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