Aaj Ka Darshan: लखीसराय से अजीत सिंह की रिपोर्ट. लखीसराय शहर के पुरानी बाजार स्थित नगर परिषद कार्यालय परिसर में मौजूद छोटी दुर्गा स्थान आज भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां मां दुर्गा के दरबार में दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं और सच्चे मन से मांगी गई मन्नत पूरी होने पर पूजा-अर्चना करते हैं. खास बात यह है कि इस मंदिर में पिछले 30 वर्षों से लगातार 24 घंटे अखंड ज्योति जल रही है, जिसे देखने और मां का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है.
हर मंगलवार उमड़ती है भक्तों की भीड़
छोटी दुर्गा स्थान में प्रत्येक मंगलवार को विशेष महा आरती का आयोजन किया जाता है. इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से भर जाता है. श्रद्धालु घंटों पहले पहुंचकर मां के दर्शन और आरती में शामिल होने का इंतजार करते हैं.
मंदिर के पुजारी आचार्य परमानंद पांडे ने बताया कि महा आरती में शामिल होने के लिए भक्तों को डेढ़ से दो साल पहले नाम दर्ज कराना पड़ता है. जब उनका नंबर आता है, तब उनके नाम से विशेष महा आरती करायी जाती है.
कोलकाता और राजस्थान से भी आते हैं श्रद्धालु
मंदिर की ख्याति केवल लखीसराय तक सीमित नहीं है. यहां बिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा कोलकाता और राजस्थान में रहने वाले व्यवसायी भी मन्नत पूरी होने पर पूजा करने पहुंचते हैं.
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि मां के दरबार में श्रद्धा और विश्वास के साथ मांगी गयी कोई भी मनोकामना अधूरी नहीं रहती.
सपने में मिला कारीगर, तब बन पाया मंदिर का गुंबद
मंदिर से जुड़ी एक रोचक कहानी भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है. भक्त सुरेश ड्रोलिया ने बताया कि जब मंदिर का निर्माण हो रहा था, तब गुंबद बनाने में काफी परेशानी आ रही थी. कई प्रयासों के बावजूद काम सफल नहीं हो पा रहा था.
उन्होंने बताया कि एक रात मां ने सपने में एक कारीगर का नाम बताया. अगले ही दिन उस कारीगर को बुलाया गया और उसके हाथों मंदिर का गुंबद बनकर तैयार हुआ. इसके बाद मंदिर निर्माण का कार्य पूरा हो सका.
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