बेनीपुर में उमड़ रहा भक्तों का सैलाब, 151 फीट ऊंचा होगा मां भगवती का दरबार

क्षेत्रीय लोगों का अटूट विश्वास है कि यदि किसी व्यक्ति को सर्प या किसी अन्य विषैले जीव ने काट लिया हो, तो मंदिर की पावन भभूति और नीर (जल) के स्पर्श मात्र से वह व्यक्ति संकटमुक्त होकर पूर्णतः भला-चंगा हो जाता है.

मां भगवती के दरबार में मन्नतें होती हैं पूरी, अटूट है श्रद्धा

पीरीबाजार. लखीसराय जिला के पीरीबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत अभयपुर के कसबा पंचायत स्थित बेनीपुर गांव में लगभग 200 वर्षों पुराना आध्यात्मिक चर्चा का केंद्र मां भगवती स्थान है. यहां स्थित प्रसिद्ध मां भगवती मंदिर में भक्तों की अटूट आस्था का नजारा देखते ही बनता है. विशेष रूप से सप्ताह के तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को यहां ”बैरागन” के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ता है. माता के दर्शन की अभिलाषा लेकर न केवल स्थानीय, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं. बेनीपुर मां भगवती मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां की लोक मान्यता है. क्षेत्रीय लोगों का अटूट विश्वास है कि यदि किसी व्यक्ति को सर्प या किसी अन्य विषैले जीव ने काट लिया हो, तो मंदिर की पावन भभूति और नीर (जल) के स्पर्श मात्र से वह व्यक्ति संकटमुक्त होकर पूर्णतः भला-चंगा हो जाता है. यही कारण है कि यहां साल भर पीड़ितों और संकटमोचन की आस रखने वालों का तांता लगा रहता है. वर्तमान में इस पवित्र स्थल पर माता के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है. पुराने मंदिर के स्थान पर बनाये जा रहे इस नये मंदिर की प्रस्तावित ऊंचाई 151 फीट है, जो पूर्ण होने पर क्षेत्र के सबसे ऊंचे और आकर्षक धार्मिक स्थलों में शुमार होगा. मंदिर की नक्काशी और संरचना को देखने के लिए अभी से लोगों में भारी उत्साह है.

नागपंचमी, दुर्गा पूजा के अवसर पर वार्षिक विशेष पूजा का होता है आयोजन

मंदिर में नागपंचमी, दुर्गा पूजा के अवसर पर वार्षिक विशेष पूजा का आयोजन होता है, जहां लाखों श्रद्धालु मत्था टेकते हैं. वहीं, शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है. नौ दिनों तक भक्त मंदिर परिसर में ही डेरा डालकर माता की कठिन आराधना करते हैं. यहां माता की ””””श्रृंगारी पूजा”””” का विशेष महत्व है, जिसका दर्शन करना भक्त अपने जीवन का सौभाग्य मानते हैं. माता की भक्ति और निर्माण की भव्यता ने बेनीपुर को एक प्रमुख आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित कर दिया है. मान्यता है कि मां भगवती के मंदिर में पूजा अर्चना कर मन्नत मांगने वाले की मां अवश्य सुनती हैं और उनकी मन्नतें पूरी करती हैं. यही वजह है कि मंदिर के प्रति लोगों की अटूट आस्था बरकरार है.

कैसे पहुंचे मंदिर

पीरीबाजार थाना क्षेत्र का प्रमुख रेलवे स्टेशन अभयपुर से यह महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित मां भगवती की मंदिर जाने के लिए ई-रिक्शा का उपयोग करने के साथ ही पैदल भी मंदिर तक पहुंचा जा सकता है. यह कजरा-धरहरा मार्ग पर कसबा पंचायत में स्थित है. जिस वजह से आवागमन के लिए लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >