बसौनी में थाना निर्माण से बंद हो सकता है 500 साल पुराना रास्ता

Lakhisari News : बसौनी में प्रस्तावित थाना निर्माण को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि थाना भवन बनने से गांव का लगभग 500 साल पुराना पारंपरिक रास्ता बंद हो सकता है, जिसका इस्तेमाल पीढ़ियों से ग्रामीण आवागमन के लिए करते आ रहे हैं. रास्ता बंद होने की आशंका से ग्रामीणों में नाराजगी है और वे प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं.

पीरी बाजार (लखीसराय) से रवि राज आनंद की रिपोर्ट :

अभयपुर अंतर्गत कसवा पंचायत के बसौनी गांव में नये थाना भवन का निर्माण ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है. पुलिस भवन निर्माण योजना के तहत बन रहे नये थाने की वजह से गांव का करीब 500 वर्ष पुराना मुख्य रास्ता बंद होने की स्थिति में आ गया है. जिसकी शिकायत पर रविवार को मुंगेर प्रक्षेत्र के डीआईजी राकेश कुमार , एसपी प्रेरणा कुमार व एसडीपीओ शिवम कुमार के साध निर्माणाधीन बसौनी थान निरीक्षण के लिए पहुंचे.

500 साल पुराना है रास्ता, पीडब्ल्यूडी सड़क से जोड़ता है गांव को

ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क तक पहुंचने का एकमात्र साधन है. इसी रास्ते से रोज एंबुलेंस, ट्रैक्टर, बैलगाड़ी और चारपहिया वाहन गुजरते हैं. 15 साल पहले त्रिस्तरीय पंचायत समिति ने 15 फीट चौड़ी इस सड़क का पीसीसी निर्माण भी कराया था. अंचलाधिकारी की ओर से इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जारी है. इसके बावजूद थाना निर्माण के दौरान रास्ते को बंद करने की बात कही जा रही थी।.

केंद्रीय मंत्री तक था पहुंचा मामला, फिर जागा प्रशासन

रास्ता बंद होने से परेशान ग्रामीणों ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी. इससे पहले पूर्व जिला परिषद सदस्य आशुतोष कुमार, सुधीर झा और संजीव झा ने भी डीआईजी राकेश कुमार से मिलकर समस्या रखी थी.

केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद रविवार को डीआईजी राकेश कुमार, लखीसराय एसपी प्रेरणा कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार दल-बल के साथ बसौनी पहुंचे.

डीआईजी ने दिया भरोसा – रास्ता आप लोगों का है, जरूर मिलेगा

मौके पर ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए डीआईजी राकेश कुमार ने कहा, “रास्ता आप ही लोगों का है और रास्ता जरूर मिलेगा.” उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत थाने की जमीन की मापी कराने का निर्देश दिया. साथ ही सख्त लहजे में कहा कि 10 दिनों के भीतर ऐसा समाधान निकाला जाय. जिससे थाना भवन भी बने और ग्रामीणों का मौजूदा रास्ता भी बाधित न हो.

निरीक्षण के दौरान तैनात थे पुलिस बल

निरीक्षण के दौरान पीरीबाजार थानाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह समेत भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे. वहीं ग्रामीणों की ओर से कसबा पंचायत के मुखिया अमित कुमार, सुधीर झा, संजीव झा, रंजन सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे. फिलहाल प्रशासन ने 10 दिन की समय-सीमा तय की है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि 500 साल पुरानी उनकी राह अब नहीं छीनेगी.

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By Amit kumar sinh

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