लखीसराय : प्रवर्तन निदेशालय पटना जोन के सहायक निदेशक नवीन चंद्रा के नेतृत्व में शुक्रवार को इडी व जिला पुलिस द्वारा चर्चित रंजीत डॉन के पैतृक गांव बौधनगर में उसके मकान व जमीन को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की गयी.
इस दौरान इडी द्वारा रंजीत डॉन के मकान व उसके तथा उसके परिजनों के नाम से गांव में खेती योग्य जमीन पर बोर्ड लगा कर परचा साट दिया गया. टीम में शामिल अधिकारियों ने गांववालों को बताया कि इस जमीन पर अब सरकार का कब्जा है, इसकी खरीद बिक्री नहीं हो सकती है. अधिकारियों ने घर में मौजूद सदस्यों को जल्द से जल्द घर खाली करने का अल्टीमेटम दिया. इडी के सहायक निदेशक ने बताया कि रंजीत के पिता शिवदानी राय, भाई संतोष व बसंत तथा उसकी पत्नी रागिनी देवी के नाम लगभग दो एकड़ 38.75 डिसमिल जमीन पर बोर्ड लगा कर परचा चिपकाया गया.रंजीत के मकान में मौजूद महिलाओं को जल्द से जल्द घर खाली करने का अल्टीमेटम दिया और कहा कि दस दिन बाद वे लोग घर को सील कर देंगे. इडी टीम के साथ लखीसराय पुलिस अंचल निरीक्षक विनोद राम, रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष पंकज झा, हलसी थानाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद एवं चानन थानाध्यक्ष दीपक कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल बौधनगर पहुंची थी़
मार्बल व्यवसायी अपहरण कांड में भी मुख्य आरोपित है रंजीत डॉन
रंजीत मंडल उर्फ रंजीत डॉन बहुचर्चित दिल्ली के मार्बल व्यवसायी बंधु सुरेश शर्मा व कपिल शर्मा के अपहरण कांड का मास्टरमाइंड व मुख्य अभियुक्त है, जो वर्तमान में जेल में बंद है. मार्बल व्यवसायी बंधु का अपहरण विगत 21 अक्तूबर को पटना एयरपोर्ट से किया गया था.
पटना एसएसपी मनु महाराज व लखीसराय एसपी अशोक कुमार के संयुक्त नेतृत्व में 26 अक्तूबर को उनकी सकुशल बरामदगी कजरा थाना क्षेत्र के सिमरातरी कोड़ासी के पहाड़ी खोह से हुई थी. उस वक्त घटनास्थल से तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उक्त अपहरण कांड के मास्टरमाइंड के रूप में रंजीत डॉन का नाम सामने आया था. इसके बाद पुलिस ने उसकी संपत्ति की जांच तथा उसके जब्त करने के संबंध में इडी को पत्र प्रेषित किया था. 14 नवंबर की सुबह लखीसराय पुलिस ने उसे उसके बौधनगर स्थित घर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की.
