पंचायत स्तर पर, ”कृषि सखियां” किसानों को प्राकृतिक खेती का देंगी प्रशिक्षण
स्वयं सहायता समूह के द्वारा पंचायत स्तर पर किसानों से लिया जायेगा आवेदन
प्राकृतिक खेती से लोगों को स्वास्थ्य लाभ के अलावे सब्जी का अलग मिलेगा स्वाद
लखीसराय. जिला कृषि विभाग के द्वारा कृषि सखी की बहाली की जायेगी. कृषि सखी की बहाली की प्रक्रिया मई के अंतिम माह तक शुरू कर दिया जायेगा. कृषि सखी की बहाली के लिए आवेदन स्वयं सहायता समूह के द्वारा लिया जायेगा. कृषि सखी बहाली के लिए जीविका दीदी एवं स्वयं सहायता के उत्कृष्ट कार्य करने वाली हो एवं उनकी योग्यता 10 वीं या 12 बी हो एग्रीकल्चर में डिप्लोमा प्राप्त आवेदक महिला को विशेष छूट दी जायेगी. प्रत्येक पंचायत में एक से दो कृषि सखी की बहाली होगी.कृषि सखी का क्या होगा कार्य,किसानों का क्या होगा लाभ
कृषि सखी के द्वारा किसानों को देसी बीज, देसी खाद, देसी कीटनाशक बनाने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. किसान प्राकृतिक खेती किस तरह कर सकते है इसकी जानकारी देकर कृषि सखी के द्वारा किसानों को प्रशिक्षित किया जा जायेगा. किसान इसके अलावे किसानों को प्रशिक्षण देने से पूर्व कृषि सखी के द्वारा खुद 56 दिनों का ट्रेनिंग लेना होगा.आमजन को प्राकृतिक खेती से क्या है लाभ
प्राकृतिक खेती के फसल महंगे दर पर लेकिन लोगों के थाली में रोटी चावल, दाल एवं सब्जियां शुद्ध मिलेगा. जिससे लोग कई बीमारियों से बचे रहेंगे लोगो के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा. वहीं सब्ज़ियां एवं अन्य भोजन व्यंजन में देसी स्वाद भी मिलेगा. प्राकृतिक खेती मोटा अनाज का भी किया जायेगा. जैसे मक्का, बाजरा, मरुआ आदि की खेती अधिक सफल होगा. प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का चयन भी किया जायेगा. जिसमें दियारा के अधिक किसानों का चयन किया जा सकता है.बोले अधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि कृषि सखी की बहाली के लिए चर्चा हो रही है, लेकिन अभी तक लीगल सूचना मेल या पत्र के द्वारा नहीं मिला है. कृषि सखी के बहाली के लिए स्वयं सहायता समूह या प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है.—–
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