संगठन के नाम पर चंदा वसूली को लेकर विरोध, मामला थाने तक पहुंचा
सूर्यगढ़ा. प्रखंड कार्यालय परिसर में रविवार को मध्याह्न भोजन योजना से जुड़ी रसोइयों की प्रस्तावित बैठक शुरू होने से पहले ही हंगामे में बदल गयी. संगठन के नाम पर चंदा वसूली को लेकर दो पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई. स्थिति बिगड़ते देख डायल 112 को सूचना दी गयी, जिसके बाद पुलिस पहुंची व मामला सूर्यगढ़ा थाना तक जा पहुंचा.रसोइया संघ की जिलाध्यक्ष बबीता देवी ने आरोप लगाया कि राजेश कुमार एवं उनकी मां, जो स्वयं भी रसोइया हैं, संगठन के नाम पर बार-बार बैठक कर अवैध रूप से चंदा वसूल रहे हैं. उन्होंने बताया कि पूर्व की तीन बैठकों में क्रमशः 230, 330 और 250 रुपये लिये गये थे, जबकि रविवार को फिर 300 रुपये की मांग की जा रही थी.
बबीता देवी ने कहा कि हाईकोर्ट में केस लड़ने, संगठन मजबूत करने व अधिकार दिलाने जैसे उद्देश्यों के नाम पर राशि ली जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नजर नहीं आती. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिले की अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें बैठक की सूचना नहीं दी जाती, जिससे असंतोष गहरा गया.थाने में अपर थानाध्यक्ष रवि शंकर कुमार ने दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद स्पष्ट किया कि किसी भी संगठन के नाम पर जबरन चंदा वसूली नहीं की जा सकती. इच्छुक रसोइया ही स्वेच्छा से किसी संगठन से जुड़ सकती हैं.
घटना के बाद प्रखंड परिसर में मौजूद करीब 50 रसोइयों ने संबंधित संगठन की बैठक का बहिष्कार करने, राजेश कुमार को नेता के रूप में न मानने व आगे किसी प्रकार का चंदा नहीं देने का निर्णय लिया. मामले को लेकर क्षेत्र में संगठन और नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गयी है.