लखीसराय निवासी छात्र गंगा में डूबा

भागलपुर : लखीसराय के पीरीबाजार थानांतर्गत घोसैठ निवासी मारवाड़ी कॉलेज का इंटर छात्र गुलशन कुमार (17 वर्ष) सोमवार को बरारी पुल घाट पर स्नान के दौरान डूब गया. वह अपने दो साथियों के साथ गंगा में स्नान कर रहा था. इसी दौरान तीनों गहरे पानी के तेज बहाव में बह गये. दो साथियों को तो […]

भागलपुर : लखीसराय के पीरीबाजार थानांतर्गत घोसैठ निवासी मारवाड़ी कॉलेज का इंटर छात्र गुलशन कुमार (17 वर्ष) सोमवार को बरारी पुल घाट पर स्नान के दौरान डूब गया. वह अपने दो साथियों के साथ गंगा में स्नान कर रहा था. इसी दौरान तीनों गहरे पानी के तेज बहाव में बह गये.
दो साथियों को तो आस पास स्नान करने वाले लोगों ने बाहर निकाल लिया, जबकि गुलशन डूब गया. घटना से गंगा किनारे स्नान करने आये लोगों के बीच शोर मच गया. देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ नदी किनारे जुट गयी. सब अपने अपने तरीके से गुलशन को खोजने की प्रयास में जुट गये, लेकिन कोई अता पता नहीं चल पाया. डूबने से बचे साथियों ने मोेबाइल से गुलशन के परिवार को इसकी सूचना दी.
लगभग 12: .15 बजे गुलशन के बहनोई व अन्य लोग गंगा किनारे आये और आनन फानन में बरारी थाने को सूचना दी. बहनोई ने पुलिस से एसडीआरएफ टीम भेजने की गुहार लगायी, लेकिन बताया गया कि टीम भागलपुर में नहीं है.
इसके बाद स्थानीय गोताखोरों से गुलशन की काफी खोज करवायी लेकिन सफलता नहीं मिली. शाम में बेटे के डूबने की सूचना पाकर मां हीरा देवी पुल घाट पहुंची. लोगों से बेटे के डूबने की बात सुन वे दहाड़ मार कर नदी किनारे जमीन पर लोटने लगी. सुनसान हो चले गंगा किनारे उनकी दहाड़ सुन लोगों का कलेजा दहल गया. देर शाम तक मां परिजनों के साथ शव उफनाने के इंतजार बैठी थी.
तीन दिन पहले दी थी परीक्षा
गुलशन मारवाड़ी का़ॅलेज में इंटर में पढ़ाई करता था. तीन दिन पहले उसकी परीक्षा समाप्त हुई थी. आज तीन साथियों के साथ बैग में कपड़ा आदि लेकर पुल घाट स्नान करने आया था.
बाप का इकलौता था गुलशन
रिटायर्ड आरक्षी इंस्पेक्टर पिता धरनीधर सिंह का गुलशन इकलौता पुत्र था. गुलशन की शादी-शुदा दो बहनें भी हैं. घाट पर पहुंचे दोनों बहनोई ने बताया कि गुलशन एक होनहार लड़का था. सराय उर्दू बाजार में पुष्कर सिंह के मकान में किराये पर बहन-बहनोई के साथ रहता था.
सबको कह कर थक गये
बहनोई राहुल कुमार ने बताया कि पांच घंटे से सबके पास गुलशन को खोजने की गुहार लगा रहे हैं. लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है. यदि यहां एसडीआरएफ टीम होती तो खोजबीन करने से शायद मिल भी जाता.
हाय…रे …बेटा .. छोटूवा
गुलशन की मां हीरा देवी गंगा किनारे हाय रे बेटा छोटूवा बोल दहाड़ मार कर रो रही थी. अबै कैसे खोजबो रे बेटा. हे गंगा मैया हमरो एकलौता बेटा के कैना डुबाय देल्हो.

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