गरीब मरीजों का आर्थिक दोहन कर रहे हैं ग्रामीण चिकित्सक चकाई . सरकारी चिकित्सक की उपलब्धता नहीं रहने के कारण आये दिन प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में ग्रामीण चिकित्सकों की चांदी कट रही है़ रोग ग्रसित मरीजों का इलाज कर झोला छाप चिकित्सक मनमाने ढंग से रूपये की वसूली कर रहे है़ साथ ही सही दवा और चिकित्सा नहीं मिलने से गरीब रोगी असमय काल के गाल में समा रहे हैं. इससे गरीब परिवारों को दो तरफा मार झेलनी पड़ रही है़ वही अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी से गरीब लोग इन नीम हकिमों के यहां अपना इलाज कराने को विवश है. चकाई रेफरल अस्पताल सहित अन्य उपस्वास्थ्य केंद्रों में सरकारी चिकित्सकों की उपलब्ध्ता नहीं रहने के कारण इन ग्रामीण चिकित्सकों से गरीब मरीज इलाज कराने को विवश है. जिसका आर्थिक दोहन ग्रामीण चिकित्सकों द्वारा जम कर किया जाता है. जबकि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है. सरकार ध्यान देती तो रेफरल या उपस्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पड़े पदों पर अविलंब चिकित्सकों की बहाली होती़ लेकिन इस ओर सरकार का ध्यान नहीं रहने के कारण झोला छाप चिकित्सकों के चंगुल में फं स कर गरीब मरीज इलाज कराने को मजबूर है. जिसे देखने वाला कोई नहीं है. कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी इस बाबत रेफरल अस्पताल प्रभारी रमेश प्रसाद से पूछे जाने पर बताया कि झोला छाप चिकित्सक के इलाज करने पर प्रतिबंध है. ऐसा करने वाले चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
गरीब मरीजों का आर्थिक दोहन कर रहे हैं ग्रामीण चिकत्सिक
गरीब मरीजों का आर्थिक दोहन कर रहे हैं ग्रामीण चिकित्सक चकाई . सरकारी चिकित्सक की उपलब्धता नहीं रहने के कारण आये दिन प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में ग्रामीण चिकित्सकों की चांदी कट रही है़ रोग ग्रसित मरीजों का इलाज कर झोला छाप चिकित्सक मनमाने ढंग से रूपये की वसूली कर रहे है़ साथ ही सही […]
