लखीसराय : जिले भर में शुक्रवार को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया गया. पर्व को लेकर सुबह से ही नदी में स्नान के लिये लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गयी.
किऊल नदी के विभिन्न घाटों के अलावे बड़हिया में गंगा नदी के तट पर स्नान के लिए दिन भर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा. स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य को जल अर्पित किया.
पुण्य स्नान के बाद ब्राह्मणों व गरीबों के बीच गर्म कपड़े, तिल, चावल, दाल आदि दान किये. इसके बाद घरों में दही-चूड़ा व तिलकुट का भोजन किया. लोगों ने अपने प्रियजनों व इष्ट मित्रों को बुलाकर पर्व का विशेष व्यंजन खिलाया. रात में कई घरों में खिचड़ी बनी. कुछ लोगों ने 14 व 15 जनवरी दोनों ही दिन इन व्यंजनों के लुफ्त उठाया.
हिंदू धर्म से जुड़ी मान्यताओं के मुताबिक इस दिन सूर्योदय से पूर्व नदी स्नान कर भगवान सूर्य को किया गया. तर्पण गंगा नदी में स्नान जैसा पुण्य देता है. माना जाता है कि मकर संक्रांति के बाद धीरे-धीरे दिन बड़ी व रात छोटी होने लगती है. मकर संक्रांति को एक तरह से शरद ऋतु की विदाई व बसंत ऋतु का आगमन भी माना जाता है.
