झाझा स्टेशन पर जीआरपी व कैदी को भटकना पड़ता है शौच के लिए झाझा . झाझा स्टेशन पर शौचालय के अभाव में जीआरपी कर्मी व कैदी को भी अन्यत्र भटकना पड़ता है. बताते चलें कि इन दिनों झाझा राजकीय रेल थाना में कैदियों के अलावा कर्मियों को शौच के लिए काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. स्टेशन स्थित रेल थाना में शौचालय के नहीं रहने से गिरफ्तार जीआरपी कैदी को रेल के पटरियों पर या फिर जंगल में शौच के लिए ले जाना पड़ता है. जो काफी संगीन एवं चुनौतीपूर्ण रहता है. वर्तमान परेशानी पर अफसोस व्यक्त करते हुए रेल थानाध्यक्ष बृजानंद सहित अन्य थाना कर्मी बताते हैं कि रेल थाना में बना शौचालय काफी दयनीय स्थिति में है. कमोड टूट गया है तथा अंदर की और धंस गया है. शौचालय जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है. इस कारण से कैदियों को शौच के लिए बगल के यशराज पहाड़ के जंगलों में तो जाना पड़ता है. जो काफी परेशानी का सबब है. थानाध्यक्ष बताते हैं कि शौचालय को लेकर रेल विभाग के आईओडब्ल्यू को कई बार लिखित सूचना दिया गया है. बावजूद इसके अभी तक शौचालय का जीर्णोंद्धार नहीं कराया जा सका है. कहते हैं आइओ डब्ल्यू इस बाबत पूछे जाने पर आइओडब्ल्यू के एस के पांडेय ने बताया कि रेल थाना का शौचालय टूटा हुआ है. इसकी लिखित जानकारी मुझे नहीं दिया गया है. सूचना मिलने पर शौचालय का जीर्णोंद्धार करवा दिया जायेगा.
झाझा स्टेशन पर जीआरपी व कैदी को भटकना पड़ता है शौच के लिए
झाझा स्टेशन पर जीआरपी व कैदी को भटकना पड़ता है शौच के लिए झाझा . झाझा स्टेशन पर शौचालय के अभाव में जीआरपी कर्मी व कैदी को भी अन्यत्र भटकना पड़ता है. बताते चलें कि इन दिनों झाझा राजकीय रेल थाना में कैदियों के अलावा कर्मियों को शौच के लिए काफी समस्या का सामना करना […]
