लखीसराय से अजीत सिंह की रिपोर्ट: शहर के वार्ड नंबर 6 स्थित धर्मरायचक मोहल्ले में मंदिरों और शिक्षण संस्थानों के समीप कचरा डंपिंग को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. संवेदक द्वारा मंदिर की चहारदीवारी से सटकर कूड़ा गिराए जाने के विरोध में समाजसेवी संजय प्रजापति ने मोहल्ले वासियों के साथ आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है.
आधा दर्जन मंदिर और आंगनबाड़ी केंद्र के पास डंपिंग से बढ़ा संक्रमण का खतरा
समाजसेवी संजय प्रजापति ने बताया कि मोहल्ले में बजरंगबली, मां दुर्गा और मां काली समेत लगभग आधा दर्जन मंदिर स्थित हैं. इसी परिसर के पास आंगनबाड़ी केंद्र और पुस्तकालय भी संचालित है. पिछले एक सप्ताह से संवेदक द्वारा नियमों को ताक पर रखकर इसी सार्वजनिक और धार्मिक स्थल के पास कचरा डंप किया जा रहा है. यह वही स्थान है जहां मोहल्ले के बुजुर्ग और युवा खाली समय में बैठते हैं, लेकिन अब यहां फैली दुर्गंध के कारण बैठना तो दूर, राहगीरों का नाक पर रुमाल रखकर निकलना भी दूभर हो गया है.
गैर मजरुआ जमीन के बजाय रास्ते पर गिराया जा रहा कूड़ा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मोहल्ले में कूड़ा डंपिंग के लिए पर्याप्त आम गैर मजरुआ जमीन उपलब्ध है, लेकिन वहां कचरा न गिराकर जानबूझकर आबादी वाले रास्ते और मंदिरों के पास डंपिंग की जा रही है. इस संबंध में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. थक-हारकर ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता चुना है. संजय प्रजापति ने कहा कि बुधवार को नगर परिषद को लिखित आवेदन देकर आमरण अनशन की विधिवत सूचना दी जाएगी.
अधिकारियों ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन
मामले को बढ़ता देख नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभात रंजन ने संज्ञान लिया है. उन्होंने बताया कि स्वच्छता पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से वहां से कूड़ा हटाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, स्वच्छता पदाधिकारी प्रवीण कुमार सिन्हा ने सफाई देते हुए कहा कि कूड़ा डंप करने के बाद उसे दोपहर तक हटा लिया जाता है. उन्होंने सफाई पर्यवेक्षक को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि धार्मिक और शैक्षणिक स्थलों की मर्यादा का ध्यान रखा जाए और वहां गंदगी न फैले.
