लखीसराय से अजीत सिंह एवं देव कुमार की खबर: जिले के रामगढ़ चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत बिहरौरा गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. लकड़ी मिल पर काम करने के दौरान मशीन का फीता अचानक टूटकर शरीर में फंसने से एक अधेड़ मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गया. घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से घायल को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया.
काम के दौरान कंधे पर लगा मशीन का फीता
जानकारी के अनुसार, बिहरौरा गांव निवासी शकुन यादव का 40 वर्षीय पुत्र इंदर यादव लकड़ी मिल में मशीन चला रहा था. इसी दौरान तेज गति से चल रही मशीन का फीता अचानक टूट गया और उछलकर इंदर के कंधे और शरीर के ऊपरी हिस्से में जा लगा. चोट इतनी जोरदार थी कि इंदर वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा. चीख-पुकार सुनकर आसपास काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उन्हें सदर अस्पताल ले गए. अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायल का प्राथमिक उपचार कर उन्हें डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गांवों में चल रहे छोटे लकड़ी मिलों और मशीनों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते हैं. सुरक्षा उपकरणों और उचित देखरेख के अभाव में यहां काम करने वाले मजदूरों की जान हमेशा जोखिम में रहती है. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि उद्योग विभाग द्वारा इन छोटे उद्योगों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कभी कोई ठोस सुध नहीं ली जाती है, जिसके कारण आए दिन ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में उद्योग विभाग के प्रसार पदाधिकारी उपेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि छोटे-छोटे उद्योगों को मुख्य रूप से प्रदूषण विभाग द्वारा नियंत्रित और मॉनिटर किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी उद्योग की स्थापना और संचालन से पूर्व सुरक्षा मानकों का इंतजाम अनिवार्य होता है. मामले की जानकारी ली जा रही है कि क्या मिल के संचालन में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं.
