हलसी (लखीसराय) से केशव कुमार की रिपोर्ट: प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर अचानक आए भीषण आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई. तेज हवाओं और बारिश के कारण जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं प्रखंड मुख्यालय स्थित सूचना एवं प्रौद्योगिकी भवन में बड़ा हादसा टल गया. अंचल कार्यालय में काम कर रहे एक कार्यपालक सहायक मौत के मुंह से बाल-बाल बचे.
अंचल कार्यालय की खिड़की टूटी, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, अंचल कार्यालय के कार्यपालक सहायक वेदांत प्रकाश अपने टेबल पर काम कर रहे थे. इसी दौरान आई तेज आंधी के कारण खिड़की का शीशा फ्रेम सहित उखड़कर सीधे उनके टेबल पर जा गिरा. गनीमत रही कि श्री प्रकाश ठीक उसी समय खिड़की बंद करने के लिए अपनी सीट से उठे थे, अन्यथा वे गंभीर रूप से चोटिल हो सकते थे. अंचलाधिकारी संजीव कुमार राय ने बताया कि ओलावृष्टि और तूफान के कारण भवन के ऊपरी हिस्से के शीशे भी टूटकर गिर गए हैं, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
कोऑपरेटिव बैंक और फसलों को भारी नुकसान
तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुंगेर-जमुई सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक का टीन शेड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. वहीं, कृषि क्षेत्र में इस प्राकृतिक आपदा ने कमर तोड़ दी है. सबसे अधिक नुकसान आम के बागानों को हुआ है. तेज आंधी के कारण कच्ची फसल टूटकर गिर गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है. किसान शुभम कुमार, राहुल कुमार और राजेश कुमार ने बताया कि लगभग 50 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है.
सब्जी की खेती और पशु चारे पर मौसम की मार
ओलावृष्टि ने टमाटर, लौकी, कद्दू, तोरी और तरबूज की फसलों को तहस-नहस कर दिया है. मक्का और पशुओं के चारे के पत्ते ओलों की मार से छलनी हो गए हैं. कई जगहों पर फलदार पेड़ और सड़क किनारे खड़े पुराने वृक्ष जड़ से उखड़ गए हैं. बागवानों और सब्जी उत्पादक किसानों को इस बेमौसम बारिश और तूफान से भारी आर्थिक क्षति पहुंची है, जिससे उनके सामने जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है.
