लोगों की प्यास बुझाने में अक्षम साबित हो रहा नलकूप

सूर्यगढ़ा: गरमी का मौसम शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में पेयजल का संकट गहराने लगा है. बावजूद इसके पिछले कई वर्षो से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर पीएचइडी विभाग द्वारा किया गया बोरिंग जीर्ण शीर्ण अवस्था व रखरखाव के अभाव में लोगों की प्यास बुझाने में असमर्थ साबित हो रहा है. […]

सूर्यगढ़ा: गरमी का मौसम शुरू होने के साथ ही क्षेत्र में पेयजल का संकट गहराने लगा है. बावजूद इसके पिछले कई वर्षो से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर पीएचइडी विभाग द्वारा किया गया बोरिंग जीर्ण शीर्ण अवस्था व रखरखाव के अभाव में लोगों की प्यास बुझाने में असमर्थ साबित हो रहा है. इस दिशा मे विभाग के अधिकारी की उदासीन रवैये के कारण लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए अन्य विकल्प पर निर्भर रहना पड़ रहा है.

विभाग द्वारा सूर्यगढ़ा बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों क ो शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए चार बोरिंग गाड़े गये. इनमें से दो जीर्ण शीर्ण अवस्था में है और दो साफ सफाई के अभाव में लोगों की प्यास बुझाने में असक्षम साबित हो रहा है. बाजार के तीनमुहानी के समीप लगे बोरिंग में एन एच 80 निर्माण के दौरान सप्लाइ पाइप टूट जाने के बाद आज तक इसको सही नहीं कराया गया. वहीं थाना परिसर मे लगे बोरिंग से पानी सप्लाइ किये जाने वाले क्षेत्र में से आधे अधूरे क्षेत्र के लोगों को पानी मुहैया कराया जा रहा है.

सूर्यपुरा पंचायत के सलेमपुर नया टोला में विगत कई वर्षो से बोरिंग का मोटर जल जाने के बाद भी आज तक इसे बदलने क ी दिशा में विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी. सलेमपुर कांकड़ में लगे बोरिंग से पानी की सप्लाइ ठप है. वहीं सप्लाइ पाइप में कई जगह छेद हो जाने के कारण सप्लाइ किये जाने वाले पानी भी शुद्ध न होकर गंदा हो गया है. जिसे क्षेत्र के लोग पीने को विवश हैं. विभागीय पदाधिकारी की मानें तो सप्लाइ पाइप में कई जगह छेद होने से समस्या हुई है.

इसके अलावे जले मोटर को बदलने का कार्य किया जा रहा है लेकिन कब तक इसका जवाब कोई देने को तैयार नहीं है. इस संबंध में ग्रामीण अनिल मंडल ने बताया कि शुद्ध पेयजल के लिए पूर्व के पीएचइडी मंत्री अश्विनी चौबे तथा प्रेम कुमार के सूर्यगढ़ा आगमन पर इस दिशा में कार्रवाई करने का अनुरोध किया था लेकिन आश्वासन के सिवाय कोई कार्रवाई नहीं हो सकी.

विनोद शर्मा ने बताया कि जहां तहां पाइप में छेद हो गया है तथा जहां पानी का कनेक्शन हैं वहां विभाग के द्वारा नल की व्यवस्था नहीं किये जाने से पानी बरबाद हो रहा है. अजय साव ने बताया कि पानी का उपभोक्ता होने के बाद भी 15 वर्षो से पानी का सप्लाइ उन्हें नहीं दिया जा रहा है. सुबोध साव के अनुसार एन एच निर्माण के दौरान पाइप टूट जाने के बाद पुन: सप्लाइ बहाल की दिशा में कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय बाजार मे जलापूर्ति बाधित है . जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है.

बोले कनीय अभियंता
कनीय अभियंता रामानंद प्रसाद ने बताया कि बंद पड़े जलापूर्ति योजना की जानकारी लेकर विभाग को दी जायेगी और उसे चालू करने की दिशा में कदम उठाया जायेगा.

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