37 भूमिगत केन बम लगाने के पीछे क्या थी नक्सलियों की मंशा

लखीसराय : जिले के नक्सल प्रभावित कजरा थाना क्षेत्र में गुरुवार को कॉम्बिंग ऑपरेशन के दरम्यान सुरक्षा बलों द्वारा 37 केन बम बरामद किये जाने के बाद पुलिस प्रशासन की नींद उड़ गयी है. राजघाट-शीतला मार्ग पर सिलसिलेवार ढंग से एक के बाद एक भूमिगत केन बम लगाये जाने के पीछे नक्सलियों की मंशा क्या […]

लखीसराय : जिले के नक्सल प्रभावित कजरा थाना क्षेत्र में गुरुवार को कॉम्बिंग ऑपरेशन के दरम्यान सुरक्षा बलों द्वारा 37 केन बम बरामद किये जाने के बाद पुलिस प्रशासन की नींद उड़ गयी है. राजघाट-शीतला मार्ग पर सिलसिलेवार ढंग से एक के बाद एक भूमिगत केन बम लगाये जाने के पीछे नक्सलियों की मंशा क्या होगी इसका अनुमान सहज लगाया जा सकता है. एसपी अशोक कुमार ने बताया कि केन बम में आइइडी विस्फोटक रखा गया था जिसकी विस्फोटक क्षमता काफी वृहत है.

अगर नक्सली अपनी मंशा में कामयाब हो जाते तो नि:संदेह वे बड़ी घटना को अंजाम देने में सफल रहते और हताहत की संख्या काफी अधिक होती. उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों द्वारा इन रास्ते पर लगाये गये सभी भूमिगत केन बम को ब्लास्ट कर निष्क्रिय किया गया. यह सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता है. कॉम्बिंग ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे एएसपी अभियान रजनीश कुमार ने बताया कि करीब तीन फीट गहरा गड्ढा कर पॉलीथिन लपेट कर मिट्टी में प्लांट किये गये केन बमों को एक साथ विस्फोट करने में अगर नक्सली सफल होते तो एक बटालियन जवान हताहत हो सकते थे.

उन्होंने बताया कि उक्त स्थल के अलावे मोरवे व श्रृंगिऋशि के पास भी एक -एक भूमिगत केन बम बरामद किया गया. सभी केन बम को स्थल पर ही डिफ्यूज कर दिया गया.बताते चले कि 29 अगस्त 2010 को राजघाट पहाड़ी के समीप नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में कवैया थानाध्यक्ष भूलन यादव सहित बीएमपी के आठ जवान शहीद हो गये थे. उसके बाद से कजरा थाना क्षेत्र में नक्सली अब तक बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे पाये हैं.

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