सिकंदरा: विश्व को शांति व अहिंसा का संदेश देने वाले जैन धर्म के 24वें र्तीथकर भगवान महावीर की जयंती पूरे धूमधाम के साथ समारोहपूर्वक उनकी जन्म स्थली क्षत्रियकुंड लछुआड़ में गुरुवार को मनायी गयी. इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये. लछुआड़ स्थित र्तीथकर महावीर विद्या मंदिर में आयोजित जयंती समारोह का उद्घाटन जिलाधिकारी शशिकांत तिवारी व जैन साध्वी डॉ संप्रज्ञा जी ने दीप प्रज्वलित कर किया.
इस अवसर पर अनुमंडलाधिकारी रमेंद्र कुमार,जिला शिक्षा पदाधिकारी बीएन झा,प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार, अंचल अधिकारी अमरेंद्र कुमार समेत दर्जनों गण मान्य लोग उपस्थित थे. समारोह को संबोधित करते हुए जैन साध्वी डॉ संप्रज्ञा जी ने कही कि आज से 2600 वर्ष पूर्व इस पावन भूमि पर भगवान महावीर स्वामी ने सत्य, अहिंसा, प्रेम व करुणा का पाठ सारी दुनिया को पढ़ाया था. उन्होंने कहा कि आज विश्व के लगभग सभी देशों में हिंसा की आग भड़की हुई है. लोग शस्त्र का समाधान शस्त्र से करना चाहते हैं.
लेकिन ऐसा कभी संभव नहीं हो सकता कि शस्त्र का समाधान शस्त्र के द्वारा ही हो सकता है. अहिंसा को अपना कर ही हिंसा को खत्म किया जा सकता है. आज आवश्यकता है इस पुण्य भूमि पर एक बार फिर भगवान महावीर अवतरित हों और इस स्थान से पूरे विश्व को अहिंसा व करुणा का संदेश दें. जैन साध्वी ने भगवान महावीर की जन्मस्थली क्षत्रियकुंड लछुआड़ को अहिंसा नगरी बनाने की मांग जिलाधिकारी से की. वहीं अपने संबोधन में जिलाधिकारी शशिकांत तिवारी ने कहा कि जन्म स्थल जाने में जैन यात्रियों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए कुंडघाट से जन्मस्थान तक रोपवे (रज्जू मार्ग) बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है. उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर खैरा प्रखंड के बादिलडीह पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जायेगा.
पुल बन जाने के बाद खैरा होते हुए जन्मस्थान पहुंचने का मार्ग काफी सुगम हो जायेगा. साथ ही कुंडघाट से जन्मस्थान तक जाने वाली सड़क का निर्माण भी जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा. उन्होंने लछुआड़ को अहिंसा नगरी बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि इस गांव की सीमा के अंदर पशु-पक्षी की बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जायेगा. समारोह में प्राइवेट स्कूल संघ के जिला सचिव मनोज कुमार सिन्हा,कार्यकारी जिलाध्यक्ष लक्ष्मण झा,प्राचार्य जितेंद्र सिंह,राजीव रंजन आदि मौजूद थे.
