ग्रामीण सड़क पर पुआल रखने से दुर्घटना की आशंका

लखीसराय: जिले की ग्रामीण सड़कों का भी ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है. इससे यातायात की व्यवस्था प्रभावित होती है. दुर्घटनाओं को भी आशंका बनी रहती है. लखीसराय जिले की सीमा पर बसा गेरूआ पुरसंडा गांव, हलसी प्रखंड मुख्यालय से 9 किलोमीटर दूर है. इस गांव को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने व यातायात की […]

लखीसराय: जिले की ग्रामीण सड़कों का भी ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है. इससे यातायात की व्यवस्था प्रभावित होती है. दुर्घटनाओं को भी आशंका बनी रहती है. लखीसराय जिले की सीमा पर बसा गेरूआ पुरसंडा गांव, हलसी प्रखंड मुख्यालय से 9 किलोमीटर दूर है.

इस गांव को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने व यातायात की सुगमता के लिए पास से गुजरी नहर पर पक्की सड़क बनायी गयी. धनहर क्षेत्र होने के कारण गांव की अधिकांश आबादी खेती पर निर्भर करती है. यहां के किसानों ने अपने धान का भंडारण कर पुआल सड़क पर छोड़ दिया है. किसान कहते हैं कि सड़क पर पुआल रखने के बाद सड़क से गुजरने वाले विभिन्न वाहनों से पुआल में लगे धान झड़ जाते हैं.

पुआल भी मुलायम हो जाता है. जानवर इसे चाव से खाते हैं. वहीं सड़क पर चलने वाले यात्री वाहन, खास कर छोटे वाहनों को काफी परेशानी होती है. लगातार दबाव पड़ने से पुआल मुलायम होकर सड़क पर बैठ जाता है. इसके बाद उसमें फिसलन हो जाती है. अचानक ब्रेक लगाने पर यहां दुर्घटना की आशंका होती है. वाहन चालकों ने इस ओर कार्रवाई की मांग की है.

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