सूर्यगढ़ा : ग्रीष्म ऋतु शुरू होते ही अगलगी की घटना में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है लेकिन 28 पंचायत वाले सूर्यगढ़ा प्रखंड में आग पर काबू पाने के लिये साधन का टोटा है. सूर्यगढ़ा थाना में मिनी दमकल है जो आग पर काबू पाने में हांफ रहा है. राज्य सरकार के निर्देश का भी सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है.
क्या है निर्देश: अग्निकांड की सूचना प्राप्त होते ही आपदा प्रबंधन से संबंधित पदाधिकारी एवं उनकी टीम यातायात के उपलब्ध सर्वाधिक तेज साधनों से घटना स्थल पर पहुंचे एवं त्वरित गति से पीडितों को सहायता प्रदान किया जाय. भीषण अग्निकांड में जिलाधिकारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर सहायता व्यवस्था देखेंगे. अग्निकांड की सूचना प्राप्त होते ही आवश्यकतानुसार फायर ब्रिगेड की गाड़ियां को मौके पर रवाना किया जाये.
अग्नि पीड़ितों को 24 घंटा के अंदर अनुमान्य सहायता यथा पॉलिथीन सीट, खाद्यान्न अथवा खाद्यान्न की अनुपलब्धता की दशा में विभाग द्वारा निर्धारित राशि नकद अनुदान तथा वस्त्र एवं बर्तन के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाना है. इसी प्रकार घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था तथा मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान का भुगतान अविलंब किया जायेगा. जले एवं क्षतिग्रस्त मकानों की सूची तैयार कर गृह क्षति अनुदान का भुगतान शीघ्र किया जाये.
सावधानी ही बचाव का अचूक हथियार
अग्निकांड से बचने के लिए सबसे बड़ा हथियार सावधानी है इन बातों का रखें ख्याल
हवा के झोंके के तेज होने के पहले ही खाना पकाकर चूल्हे की आग को पानी से पूरी तरह बूझा दें चूल्हे की चिंगारी पूरी तरह बुझी हो इसे सुनिश्चित कर लिया जाये घर से बाहर जाते समय बिजली का स्विच ऑफ हो इसे सुनिश्चित कर लिया जाये-खाना वैसी जगह पकाया जाय जहां हवा का झोंका न लगे.
बीड़ी सिगरेट पी कर इधर-उधर खलिहान की तरफ न फेंकें
सीओ सुमित कुमार आनंद ने कहा कि गर्मी शुरू होते ही अगलगी की घटना में अप्रत्याशित वृद्धि हो जाती है. मंगलवार की रात भी देवघरा में महादलित मल्लिक परिवार के घर में आग लग गया जिसकी घटनास्थल जाकर उन्होंने स्वयं जानकारी ली. गर्मी में लोग सुबह 09 बजे के पहले और शाम 06 बजे के बाद खाना बनायें. खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग को अच्छी तरह बुझा दें. पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराया जायेगा.
