बड़े भाई कैलू यादव की हत्या के बाद अपराध की दुनिया से जुड़ा जीवन

विगत वर्ष हुए पंचायत चुनाव में जीवन यादव की पत्नी सुनीता देवी पिपरिया पंचायत से बनी थीं मुखिया चानन : 16 मार्च 1992 को अपने बड़े भाई सह आतंक का पर्याय रहे कैलू यादव की हत्या के बाद जीवन यादव उर्फ सरदार अपराध की दुनिया में कदम रखते ही चानन, सूर्यगढ़ा, पिपरिया प्रखंड के अलावा […]

विगत वर्ष हुए पंचायत चुनाव में जीवन यादव की पत्नी सुनीता देवी पिपरिया पंचायत से बनी थीं मुखिया
चानन : 16 मार्च 1992 को अपने बड़े भाई सह आतंक का पर्याय रहे कैलू यादव की हत्या के बाद जीवन यादव उर्फ सरदार अपराध की दुनिया में कदम रखते ही चानन, सूर्यगढ़ा, पिपरिया प्रखंड के अलावा कई अन्य जगहों पर भी अपना सिक्का जमाने के लिए दर्जनों लोगों की हत्या कर अपराध जगत में अपनी एक अलग पहचान बना ली थी. चानन में तो जीवन सरदार के खिलाफ उस समय बोलने की किसी को हिम्मत नहीं होती थी. कहा जाता है कि जिस गांव में जीवर सरदार का घोड़ा दौड़ जाता था उस गांव में एक भी व्यक्ति उसके सामने नहीं आता था़
लोगों के बीच खौफ का अपना साम्राज्य कायम रखने के लिए समय-समय पर वह लोगों की हत्या करने से भी पीछे नहीं हटता था़ किऊल नदी बालू मजदूर हत्याकांड, खैरी, लक्ष्मिनियां नरसंहार सहित लखीसराय कवैया में भारती यादव की हत्या, सूर्यगढ़ा के कटेहर में मेही यादव की हत्या सहित कई अन्य लोगों की हत्या में उसके शामिल होने की बात कही जा रही है़
उस दौरान हत्याकांड को अंजाम देने के साथ ही जमीन पर कब्जा करना, रंगदारी वसूलना, जंगलों से लकड़ी व बीड़ी पत्ता का कारोबार करना सहित अन्य कामों में भी जीवन यादव का नाम आता रहा़ उसके खिलाफ कई थानों में दर्जनों मामला दर्ज है. आज के समय में जीवन यादव करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर आराम से जिंदगी जी रहा है.

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