30 नवंबर को राज्य सूचना आयोग में होगी मामले की सुनवाई
खगड़िया : भ्रष्टाचार से जुड़े अलग अलग मामले में राज्य सूचना आयोग ने जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह डीडीसी को तलब किया है. इन दोनों मामलों में डीडीसी को स्वयं सुनवाई में हाजिर होने को कहा गया है. राज्य सूचना आयुक्त बीके वर्मा ने डीडीसी को इन दोनों मामलों में जवाब के साथ आयोग बुलाया है.
बताया जाता है ये दोनों मामले सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है. मामला प्रकाश में आने के बाद इन दोनों मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी थी. लेकिन कार्रवाई नहीं किया गया है. दोनों मामला राज्य सूचना आयोग में चल रहा है. अब इसी मामले में डीडीसी आयोग को यह बताएंगे कि जिला प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है.
सड़क निर्माण से जुड़ा है मामला
पहला मामला सड़क निर्माण से जुड़ा हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक जिला परिषद के द्वारा वर्ष 2010 के पहले चौथम प्रखंड में सड़क का निर्माण कराया गया था. निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत सामने आने के बाद तत्कालीन डीडीसी के नेतृत्व में सड़क निर्माण की जांच करा रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजी गयी थी. अब इसी मामले में आवेदक ने आरटीआई के तहत दोषी अभियंता पर कार्रवाई की सूचना मांगी है. बताया जाता है कि इस मामले में तत्कालीन जिला अभियंता,सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई होनी थी.
पिछली सुनवाई में डीडीसी ने सूचना आयुक्त को यह रिपोर्ट भेजी थी कि इस मामले में कार्रवाई प्रक्रियाधीन है. सुनवाई में ये उपस्थित नहीं हुए थे. आयोग को इन्होंने यह भी बताया था कि बाढ़ व अन्य महत्वपूर्ण कारणों से ये सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाए.
सोलर लाइट लगाने में भी गोलमाल
दूसरा मामला सोलर लाइट लगाने में बड़े पैमाने पर बरती गयी अनियमितता से जुड़ा हुआ है. चार वर्षों से अधिक समय से यह मामला चल रहा है. इस मामले की सुनवाई करने वाले आयुक्त श्री सेवानिवृत हो चुके हैं. लेकिन यह मामला अब भी लंबित है. 15 जनवरी 2013 को पहली बार इस मामले की सुनवाई हुई थी. अब इस मामले की सुनवाई 30 नवंबर 2017 को होगी. लोक सूचना पदाधिकारी शंकर दयाल शुक्ला के जवाब से आयुक्त श्री वर्मा संतुष्ट नहीं हुए. जिस कारण डीडीसी को यह बताने के लिए आयोग तलब किया गया है कि सोलर लाइट लगाने में अनियमितता के मामले में दायर सर्टिफिकेट केस में कितनी राशि की वसूली हुई है. इसमें शामिल कर्मचारी/अधिकारी/ जनप्रतिनिधि पर क्या अनुशासनिक एवं विभागीय कार्रवाई हुई है.
