लखीसराय : सड़क हादसे में घायल तीन युवकों को जल्द-जल्द से पटना रेफर करने के लिए एंबुलेंस की मांग को लेकर घायल के परिजनों एवं ग्रामीणों ने रविवार की देर रात सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया़ हंगामा करने वाले ग्रामीण के चिकित्सक से हाथापाई करने की स्थिति को देखते हुए अस्पताल में ड्यूटि पर तैनात नर्सों ने किसी तरह चिकित्सक डॉ अविनश सत्यम को पहले तल्ले पर पहुंचाकर गेट को बंद कर दिया़
चिकित्सक के भाग निकलने के बाद ग्रामीण पूरे अस्पताल में तांडव मचाने लगे और कई अस्पताल कर्मियों के साथ हाथापाई भी की. इधर, घटना की जानकारी मिलते ही कवैया थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार, हलसी थानाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद, रामगढ़ चौक थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा व मेदनीचौकी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार दल बल के साथ सदर अस्पताल पहुंच ग्रामीणों पर हल्का बल प्रयोग करते हुए सभी को अस्पताल परिसर से बाहर खदेड़ा. वहीं एसडीपीओ पंकज कुमार, डीएसपी मुख्यालय श्यामसुंदर कश्यप भी जल्द ही सदर अस्पताल पहुंच मामले की पूरी जानकारी ली. इस दौरान ज्यादा हंगामा कर रहे तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया.
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रविवार की देर रात 9.40 बजे औरेया गांव के तीन युवकों औरया गांव निवासी राजाराम मंडल का पुत्र पंकज कुमार, सीताराम मंडल का पुत्र ओंकार कुमार तथा जर्नादन मंडल का पुत्र अमरजीत कुमार को घायलावस्था में सदर अस्पताल पहुंचाया गया़ जिसका इलाज ड्यूटि पर तैनात चिकित्सक डॉ सत्यम ने शुरू किया़ घायलों में दो की हालत की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सक डॉ सम्यम ने सदर अस्पताल में मौजूद एक एंबुलेंस से दोनों पटना रेफर करने की बात कही. ग्रामीणों ने तीसरे घायल के लिए भी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग रख दी जिसमें देरी होने की बात कहने पर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और चिकित्सक डॉ सत्यम के साथ बदसलुकी पर उतर आये़ जिसके बाद अस्पताल में मौजूद अन्य कर्मी व नर्सों के सहयोग से डॉ सत्यम को किसी तरह ओपीडी से निकालकर अस्पताल के प्रथम तल्ले पर चिकित्सक रेस्ट रूम में पहुंचा कर गेट को बंद कर दिया गया़ जिस पर ग्रामीणों का हंगामा सदर अस्पताल में और बढ़ गया, हालांकि इस संबंध में चिकित्सक डॉ सत्यम ने बताया कि लगभग पौने दस बजे घायलों को सदर अस्पताल में लाया गया था तथा सवा दस बजे सभी का प्राथमिक उपचार के बाद पटना के लिए रेफर कर दिया गया था़ सदर अस्पताल में मौजूद एक एंबुलेंस में दो बेहद गंभीर रूप से घायल लड़कों पंकज कुमार एवं ओंकार कुमार को भेजनी की उन्होंने सलाह दी थी तथा तीसरे युवक अमरजीत कुमार की स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं थी, उसे दूसरे एंबुलेंस की व्यवस्था करने के बाद भेजे जाने की बात कहने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे़ इस दौरान ग्रामीणों ने सदर अस्पताल के एंबुलेंस से एक गंभीर एवं कम गंभीर युवक को सवार कर पटना ले गये और जो सबसे ज्यादा गंभीर युवक था उसे एक प्राइवेट बोलेरो से लेकर निकल गये, हालांकि हंगामे के लगभग आधा घंटा बाद गंभीर रूप से घायल युवक को वे लोग बोलेरो से वापस सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जिसके बाद उसे अशोक धाम ट्रस्ट का एंबुलेंस बुलाकर पटना भिजवाया गया़
