एक आरोपित को पांच वर्ष तथा चार को तीन वर्ष की सजा
लखीसराय : मई 2002 के मारपीट के एक मामले में सोमवार को त्वरित न्यायालय प्रथम डीपी केशरी ने एक आरोपित को पांच वर्ष तथा चार आरोपितों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनायी. इस संबंध में अपर लोक अभियोजक मो़ फारूख आलम ने बताया कि न्यायालय ने हलसी थाना कांड संख्या 56/17 तथा सेशन नंबर 240/04 […]
लखीसराय : मई 2002 के मारपीट के एक मामले में सोमवार को त्वरित न्यायालय प्रथम डीपी केशरी ने एक आरोपित को पांच वर्ष तथा चार आरोपितों को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनायी. इस संबंध में अपर लोक अभियोजक मो़ फारूख आलम ने बताया कि न्यायालय ने हलसी थाना कांड संख्या 56/17 तथा सेशन नंबर 240/04 में उपरोक्त सजा सुनायी है़ उन्होंने बताया कि हलसी थाना क्षेत्र के प्रेमडीहा निवासी मुद्य विरेंद्र यादव पिता भुनेश्वर यादव 25 मई 2002 को दिन के 3.30 बजे अपने घर से निकलकर अपने ससुराल जा रहा था़
रास्ते में कारू यादव, रामबालक यादव, रामशीष यादव, ब्रह्मदेव यादव व राजु यादव ने मिलकर जान मारने की नियत से वीरेंद्र यादव को मारपीट कर अधमरा कर दिया था़ जिस मामले में न्यायालय ने विचारण के बाद भादवि की धारा 307 में कारू यादव को पांच वर्ष तथा अन्य सभी आरोपितों को तीन-तीन वर्ष तथा 323 में तीन महीना व 341 में एक महीना व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है. उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजन मो फारूख आलम एवं बचाव पक्ष से शंकर यादव ने केस की सुनवाई के दौरान बहस में हिस्सा लिया.
प्राथमिकी में दर्ज तीन अभियुक्त जेल में बंद, सात फरार
हत्याकांड के बाद मृतक रामशेखर सिंह के भाई पवन सिंह के बयान पर गांव के ही शालीग्राम सिंह उर्फ खपरू सिंह, सुरो सिंह, किरण सिंह, दिलीप कुमार, गुड्डू कुमार, अंगद कुमार, सूरज कुमार, रोहित कुमार, रमैया कुमार, कृष्णा कुमार के खिलाफ हत्या करने एवं हत्या की साजिश करने की प्राथमिकी कजरा थाना में दर्ज करायी गयी थी़ प्राथमिकी में नामजद अभियुक्तों में खपरू सिंह एवं उसका एक पुत्र सुरो सिंह घटना से एक दिन पूर्व ही जेल चला गया था़ जबकि किरण सिंह हत्या के ही दिन कोर्ट से पकड़ा गया था़ इस संबंध में केस के अनुसंधानकर्ता सह पुलिस निरीक्षक रामनिवास ने बताया कि कोर्ट से फरार सात लोगों के खिलाफ कुर्की का आदेश प्राप्त हुआ है.