किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
World No Tobacco Day: बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (PATNA) के निर्देशानुसार, रविवार को किशनगंज जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ (31 मई) पूरी गंभीरता और उत्साह के साथ मनाया गया. व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (जिला जज) सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सुशांत कुमार ने की. इस दौरान न्यायालय के तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों ने समाज को नशामुक्त बनाने और खुद को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने की सामूहिक शपथ ली.
तंबाकू और शराब के सेवन से दूर रहने का सामूहिक संकल्प
शपथ ग्रहण कार्यक्रम और इसके मुख्य उद्देश्यों का विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से देखा जा सकता है:
- नशे के खिलाफ एकजुटता: सामूहिक शपथ कार्यक्रम के दौरान कोर्ट परिसर में उपस्थित सभी लोगों ने एक सुर में तंबाकू, खैनी, गुटखा, सिगरेट, शराब तथा अन्य सभी प्रकार के जानलेवा नशीले पदार्थों का सेवन न करने की प्रतिज्ञा ली.
- दोहरी जिम्मेदारी: शपथ के माध्यम से इस बात पर विशेष बल दिया गया कि न्यायपालिका से जुड़े सभी कर्मी न केवल स्वयं को इन सामाजिक व्यसनों से पूरी तरह दूर रखेंगे, बल्कि समाज के आम नागरिकों को भी इसके गंभीर शारीरिक और मानसिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे.
व्यक्ति का स्वास्थ्य और परिवार की आर्थिक स्थिति होती है नष्ट: जिला जज
अध्यक्षीय संबोधन: कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार ने समाज में पैर पसार रही नशे की लत पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थ न सिर्फ किसी एक व्यक्ति के बहुमूल्य स्वास्थ्य को धीरे-धीरे बर्बाद करते हैं, बल्कि इसकी वजह से उसका पूरा परिवार और समाज आर्थिक व मानसिक रूप से टूट जाता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग और युवाओं को जागरूक करके ही इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है.
सचिव सहित तमाम न्यायिक पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
समारोह का निष्कर्ष:
इस उद्देश्यपूर्ण और गरिमामयी कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव ओम शंकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मौके पर उनके अलावा जिले के कई अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण, व्यवहार न्यायालय और विधिक सेवा प्राधिकार के तमाम कर्मचारी व अधिवक्ता उपस्थित रहे. सभी ने पूरी निष्ठा के साथ इस नशामुक्त समाज निर्माण के महाअभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और कोर्ट परिसर से समाज को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का एक मजबूत संदेश दिया.
